एक 78 वर्ष का वृद्ध आदमी बेहोश होकर गिर पड़ा,उसे चिकित्सालय भर्ती करवाया गया तो डॉक्टर ने उसे 24 घंटो के लिए आक्सीजन में रखा,दूसरे दिन जब उसे होश आया तो डॉक्टर ने उसे पचास हजार रुपये का बिल उसके हाथ में थमा दिया जिसे देखकर वह वृद्ध आदमी जोर-जोर से रोने लगा। उसे देखकर डाक्टर ने कहा इसमे रोने वाली बात नहीं है अगर आपके पास अभी इतने पैसे नहीं हैं तो आप धीरे-धीरे करके दे दीजिएगा तब उस आदमी ने कहा कि मैं यह बिल देखकर नहीं रो रहा हूँ मैं तो इसलिए रो रहा हूँ कि मैंने 24 घण्टे आपकी आक्सीजन का इस्तेमाल किया तो आपने 50 हजार का बिल बना दिया तो जिस ईश्वर से मैं 78 वर्षों तक आक्सीजन ले रहा हूँ अगर उसका हिसाब मुझे देना पड़ जाए तो मैं क्या करूँगा ? कभी सोचिए कि ईश्वर के द्वारा दी गई अनमोल साँसों का हम क्या कर्ज उतार सकते हैं,क्या हमने आज तक ईश्वर का धन्यवाद किया नहीं किया है तो आज से ही उसका गुणगान करना शुरू कर दीजिए
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