इस साल का दूसरा चंद्र ग्रहण 7 सितंबर, रविवार को रात 9:58 बजे से शुरू होगा और इसका समापन 8 सितंबर को 1:26 बजे होगा। यह ग्रहण "ब्लड मून" के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि यह लाल रंग में दिखाई देगा। ज्योतिषियों के अनुसार, यह ग्रहण खास महत्व रखता है और इसके प्रभाव से बचने के लिए कुछ खास सावधानियां बरतना जरूरी है।
चंद्र ग्रहण और सूतक काल:
राहुकाल का समय:
ग्रहण के दौरान विशेष सावधानियां:
बच्चों के लिए:
चंद्र ग्रहण का नकारात्मक प्रभाव बच्चों पर जल्दी पड़ सकता है। इसलिए बच्चों को ग्रहण की छाया से दूर रखना चाहिए और उन्हें घर के बाहर जाने से बचाना चाहिए।बुजुर्गों के लिए:
बुजुर्गों का शरीर और मानसिक स्थिति ग्रहण के दौरान अधिक संवेदनशील होती है। इसलिए उन्हें घर से बाहर न निकलने की सलाह दी जाती है। इस समय में वे ईश्वर की पूजा और साधना कर सकते हैं।रोगी व्यक्तियों के लिए:
शारीरिक रूप से अस्वस्थ लोगों को ग्रहण के प्रभाव से बचने के लिए भगवान का स्मरण और मंत्र जाप करने की सलाह दी जाती है। उन्हें घर के अंदर ही रहना चाहिए, ताकि वे ग्रहण के दुष्प्रभाव से बच सकें।गर्भवती महिलाओं के लिए:
शास्त्रों में गर्भवती महिलाओं को विशेष रूप से ग्रहण के समय धार्मिक आचरण करने की सलाह दी जाती है, ताकि गर्भस्थ शिशु पर किसी भी प्रकार का नकारात्मक प्रभाव न पड़े। इस समय वे खाना बनाना, सब्जी काटना या घर से बाहर निकलने से बचें।
निष्कर्ष:
ग्रहण से जुड़ी इन महत्वपूर्ण जानकारी को जानकर आप खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रख सकते हैं।
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