हाल ही में खबरों में यह सामने आया कि एक लड़ाकू विमान को मार गिराया गया, जिसके बाद पायलट ने अपनी जान बचाने के लिए ejection seat का इस्तेमाल किया। ऐसे में लोगों के मन में सवाल उठता है-आखिर ये इजेक्शन सीट क्या होती है, यह कैसे काम
करती है और इसकी कीमत कितनी होती है?
चलिए इसे आसान और साफ भाषा में समझते हैं।
Ejection Seat क्या होती है?
फाइटर जेट में लगी ejection seat एक खास तरह की इमरजेंसी सिस्टम सीट होती है, जो खतरे की स्थिति में पायलट को कुछ सेकंड में विमान से बाहर निकाल देती है।
जब विमान दुर्घटनाग्रस्त होने वाला हो या कंट्रोल से बाहर हो जाए, तब पायलट इस सिस्टम को एक्टिव करता है और सीट रॉकेट की मदद से तेजी से बाहर
निकल जाती है।
Ejection Seat कैसे काम करती है?
इस पूरी प्रक्रिया में कुछ सेकंड लगते हैं, लेकिन इसके पीछे
बेहद एडवांस टेक्नोलॉजी काम करती है:
- पायलट इमरजेंसी लीवर खींचता है
- कॉकपिट का कवर (canopy) टूट या हट जाता है
- सीट रॉकेट की मदद से ऊपर की तरफ फायर होती है
- कुछ ऊंचाई पर पहुंचकर पैराशूट अपने आप खुल जाता है
- पायलट सुरक्षित जमीन पर उतर जाता है
यह पूरी प्रक्रिया इतनी तेज होती है कि कई बार पायलट को समझने का भी समय नहीं
मिलता।
Ejection Seat की कीमत कितनी होती है?
एक आधुनिक फाइटर जेट की ejection seat काफी महंगी होती
है।
- आमतौर पर इसकी कीमत ₹80 लाख से लेकर ₹1.5 करोड़ या उससे ज्यादा तक हो सकती है
- हाई-टेक और एडवांस मॉडल की कीमत इससे भी ज्यादा होती
है
महंगी होने की वजह है इसमें इस्तेमाल होने वाली advanced safety
technology, sensors और rocket system।
सामान्य सीट से कैसे अलग है?
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सामान्य सीट |
Ejection Seat |
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सिर्फ बैठने के लिए |
जान बचाने के लिए डिजाइन |
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कोई सुरक्षा सिस्टम नहीं |
रॉकेट, पैराशूट और ऑटो सिस्टम |
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सस्ती |
बेहद महंगी और हाई-टेक |
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केवल आराम के लिए |
जीवन रक्षा के लिए |
पायलट की जान बचाने वाला सिस्टम
दुनिया भर में ejection seat को पायलट की आखिरी सुरक्षा ढाल माना जाता है।
कई मामलों में यह सिस्टम हजारों पायलटों की जान बचा चुका है।
यही वजह है कि हर आधुनिक फाइटर जेट में यह तकनीक अनिवार्य रूप से लगाई जाती
है।
निष्कर्ष
Ejection seat सिर्फ एक सीट नहीं बल्कि एक लाइफ-सेविंग टेक्नोलॉजी है। जब कुछ भी
काम नहीं करता, तब यही सिस्टम पायलट को सुरक्षित बाहर निकालकर उसकी जान बचाता है।
इसकी कीमत भले ही ज्यादा हो, लेकिन इसकी अहमियत किसी भी फाइटर
जेट में सबसे ऊपर मानी जाती है।
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