Post Office MIS Scheme 2026: ₹15 लाख जमा करें और हर महीने पाएं ₹9,250 की फिक्स इनकम
अगर आप ऐसी निवेश योजना ढूंढ रहे हैं जिसमें पैसा पूरी तरह सुरक्षित रहे और हर महीने तय इनकम भी मिलती रहे, तो India Post की Post Office Monthly Income Scheme (POMIS) आपके लिए शानदार विकल्प हो सकती है। आज के समय में जब शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव लगातार बढ़ रहा है, तब लोग ऐसी स्कीम की तलाश में हैं जो बिना रिस्क के रेगुलर कमाई दे सके।
सरकार समर्थित यह स्कीम खास तौर पर उन लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है जो सुरक्षित निवेश के साथ हर महीने फिक्स रिटर्न चाहते हैं।
क्या है Post Office MIS Scheme?
Post Office Monthly Income Scheme यानी POMIS एक सरकारी सेविंग स्कीम है, जिसमें एक बार पैसा निवेश करने पर हर महीने ब्याज के रूप में इनकम मिलती है। यह स्कीम उन लोगों के लिए बेहतर मानी जाती है जो अपने पैसों पर स्थिर और गारंटीड रिटर्न चाहते हैं।
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें मार्केट रिस्क लगभग नहीं के बराबर होता है क्योंकि यह सीधे भारत सरकार द्वारा समर्थित है।
कितना निवेश कर सकते हैं?
वर्तमान नियमों के अनुसार:
· सिंगल अकाउंट में अधिकतम ₹9 लाख तक निवेश किया जा सकता है।
· जॉइंट अकाउंट में अधिकतम ₹15 लाख तक जमा किए जा सकते हैं।
· स्कीम की मैच्योरिटी अवधि 5 साल होती है।
अगर पति-पत्नी या परिवार के सदस्य मिलकर जॉइंट अकाउंट खोलते हैं, तो ₹15 लाख तक निवेश संभव है।
₹15 लाख निवेश पर कितनी मिलेगी मंथली इनकम?
फिलहाल Post Office MIS पर 7.4% सालाना ब्याज दिया जा रहा है। इसी हिसाब से यदि कोई निवेशक ₹15 लाख जमा करता है, तो उसे हर महीने करीब ₹9,250 की तय इनकम मिल सकती है।
\text{Monthly Income} = \frac{1500000 \times 7.4%}{12} \approx 9250
यानी बिना किसी मार्केट टेंशन के हर महीने नियमित कमाई आपके खाते में आती रहेगी।
किन लोगों के लिए फायदेमंद है यह स्कीम?
यह योजना खास तौर पर इन लोगों के लिए उपयोगी मानी जाती है:
· रिटायरमेंट के बाद रेगुलर इनकम चाहने वाले लोग
· सुरक्षित निवेश पसंद करने वाले निवेशक
· गृहिणियां और वरिष्ठ नागरिक
· वे लोग जो बैंक FD से बेहतर मासिक रिटर्न चाहते हैं
आजकल कई निवेशक शेयर बाजार की अस्थिरता से बचने के लिए भी इस स्कीम की ओर रुख कर रहे हैं।
समय से पहले पैसा निकालने पर क्या होगा?
हालांकि यह योजना 5 साल की है, लेकिन जरूरत पड़ने पर समय से पहले अकाउंट बंद भी कराया जा सकता है। हालांकि इसके लिए कुछ पेनल्टी देनी पड़ सकती है।
· 1 साल से पहले अकाउंट बंद नहीं किया जा सकता।
· 1 से 3 साल के बीच बंद करने पर कटौती लागू होती है।
· 3 साल बाद कम पेनल्टी के साथ अकाउंट क्लोज कराया जा सकता है।
टैक्स से जुड़ी जरूरी बात
Post Office MIS में मिलने वाला ब्याज पूरी तरह टैक्सेबल होता है। हालांकि इसमें TDS नहीं काटा जाता, लेकिन निवेशक को अपनी टैक्स स्लैब के अनुसार ब्याज पर टैक्स देना होता है।
क्यों बढ़ रही है इस स्कीम की लोकप्रियता?
बाजार में अनिश्चितता और गिरावट के बीच लोग अब सुरक्षित निवेश विकल्पों को ज्यादा महत्व दे रहे हैं। ऐसे में Post Office MIS जैसी सरकारी स्कीम निवेशकों को स्थिर आय और पूंजी सुरक्षा दोनों देती है।
यही वजह है कि 2026 में यह स्कीम फिर से चर्चा में है और लाखों लोग इसे रेगुलर इनकम का भरोसेमंद जरिया मान रहे हैं।