शरारती तत्वों ने शिमला में तोड़ा वर्षों पुराना प्राचीन मंदिर


शिमला के न्यू टूटू में वर्षों पुराना राज्य बिजली बोर्ड की जमीन पर बना एक मंदिर असामाजिक तत्वों द्वारा तोड़ा जा रहा है और बोर्ड के अधिकारी मूकदर्शक बने हैं। काफी दिनों से यह काम चल रहा है लेकिन बोर्ड के अधिकारी और कर्मचारी इस बारे में खामोश हैं। इस कार्यक्रम में बोर्ड के एक अधिकारी की मिली भगत भी है। इस काम के लिए न कोई अनुमति विभाग की है न ही कोई एस्टीमेट बना है और न ही कोई टेंडर पास हुआ है। न ही नगर निगम से पास हुआ है। फिर यह सब कैसे हो रहा है। गौरतलब है कि इस कश्मकश में 3-4 व्यक्ति संलिप्त हैं, जो अपने निजी स्वार्थ के लिए सड़क के साथ लगते मंदिर को तोड़ कर अपने रहने के लिए बना रहे हैं। जिसे कि वह हाल में पंडित के रहने के लिए निवास स्थान बता रहे हैं, जो कि बाद में वे अपने लिए इस्तेमाल करेंगे। वर्षों से वे कभी एक तो कभी दूसरा इस मंदिर को संचालन करता है। हैरानी की बात यह है कि इस विषय में लोक निर्माण विभाग ने भी चुप्पी साध रखी है। वहां पर इन 3-4 लोगों के दबदबा होने के कारण स्थानीय लोगों की शिकायतों को सुना नहीं जा रहा है। स्थिति को देखते हुए साफ पता चलता है कि हिन्दु राष्ट्र में रहने वाले लोगों की आस्थाओं व भावनाओं के साथ सरेआम खिलवाड़ किया जा रहा है।
ये लोग वर्षों से इस मंदिर का दुरूपयोग कर रहे हैं तथा अपने मतलब के लिए इस मंदिर का इस्तेमाल कर रहे है। लोगों का मानना है कि सरकार को इस बारे में अतिशीघ्र एक्शन लेकर पुलिस को इसकी जांच का जिम्मा सौंपा देना चाहिए व इसकी पूरी तरह निश्पक्ष जांच करवा कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही कर उन्हें दण्डित करना चाहिए चाहे वे किसी भी पद पर हों।

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