अपने गुरु को सम्मान देने और उनका आशीर्वाद पाने का पर्व यानी गुरु पूर्णिमा कल 23 जुलाई 2021 को मनाया जाएगा। हिंदू धर्म के अनुसार गुरु पूर्णिमा आषाढ़ मास की पूर्णिमा को मनाई जाती है। जो महर्षि वेद की जन्म तिथि भी है। महाभारत के रचयिता व्यास और महर्षि व्यास आदिगुरु माने जाते हैं। इसलिए उनकी जन्म तिथि को गुरु पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है। लेकिन, इस साल गुरु पूर्णिमा के साथ भगवान् शनि देव को भी प्रसन्न करने का एक विशेष संयोग बन रहा है। शनि की ढैय्या और साढ़े साती जातक के जीवन पर बहुत भारी प्रभाव डालती है और यदि कुंडली में शनि की दृष्टि खराब हो तो मुश्किलें और भी बढ़ जाती हैं।
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आईए
जानते है इन उपायों को भगवान्
शनिदेव की साढ़े साती और ढैय्या पीड़ित व्यक्ति के पारिवारिक, सामाजिक, आर्थिक, करियर पर बहुत बुरा प्रभाव डालती है। इन कठिनाइयों को कम
करने के लिए गुरु पूर्णिमा के दिन इन उपायों को अपनाने से अनेक लाभ प्राप्त हो
सकते हैं,
जैसे... गुरु पूर्णिमा के दिन पीपल
के पेड़ के चारों ओर 7
बार जप करते हुए ओम शनिश्चराय नमः मंत्र का जाप करें। भगवान्
शनिदेव के प्रकोप से बचने के लिए
ऐसा हर शनिवार करें। काले
तिल के पानी से शिवलिंग का अभिषेक करें। भगवान् शिव की पूजा करने से शनि ग्रह का
अशुभ प्रभाव समाप्त हो जाता है। शनिवार के दिन काले कुत्ते
को सरसों के तेल की रोटी खिलाएं। शनिवार
के दिन आप सरसों का तेल,
लोहे से बनी कोई भी चीज, काली दाल, काले कपड़े गरीबों को दान कर सकते हैं। पीपल के पेड़ के नीचे
सरसों के तेल का दीपक जलाएं। भगवान
हनुमान के सामने दीपक जलाकर हनुमान चालीसा का पाठ करें। गुरु पूर्णिमा पर करें
भगवान् शनिदेव की पूजा |
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