सरकारी स्कूली बच्चों को भी भारतीय सेना के उन वीर जवानों की वीर गाथा से रूबरू कराया जाएगा जिन्होंने देश की सीमाओं पर देश की रक्षा करते हुए और दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब देते हुए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। उनकी वीरतापूर्ण कहानियों को सुनकर आप उनके जीवन के बारे में जान पाएंगे। इस संबंध में बच्चों के लिए एक प्रोजेक्ट चलाया जाएगा। जिसमें देश के लिए शहीद हुए वीरों की वीर गाथा सुनाई जाएगी। बच्चों को देशभक्ति की प्रेरणा देने के लिए यह प्रोजेक्ट चलाया जाएगा। यह प्रोजेक्ट 20 नवंबर तक चलेगा। इसके तहत सीबीएसई स्कूलों के लिए सीबीएसई आईटी प्लेटफॉर्म पर वीर गाथा प्रोजेक्ट लॉन्च किया जाएगा और राज्य के स्कूलों के लिए MyGov पर लिंक जारी किया जाएगा। जहां हर बोर्ड के छात्र भाग ले सकते हैं। इच्छुक छात्र इस पर आवेदन कर सकते हैं। परियोजना को लिखित रूप में नहीं बल्कि कविताओं, निबंधों, चित्रों, मल्टी-मीडिया प्रस्तुतियों के माध्यम से भेजा जा सकता है। कक्षा III से V तक के छात्र शौर्य पुरस्कार विजेताओं द्वारा देश के लिए किए गए कार्यों के बारे में 150 शब्दों में कविताओं और पैराग्राफों में बताएंगे। छठी से आठवीं कक्षा के छात्रों को वीडियो के साथ 800 शब्दों और पैराग्राफ, पेंटिंग, मल्टी मीडिया प्रेजेंटेशन में कविताएं भेजनी होगी।
कक्षावार दिए जाएंगे शब्द
इस संबंध में सीबीएसई बोर्ड नौवीं-दसवीं कक्षा के छात्रों को पेंटिंग, मल्टीमीडिया प्रस्तुति वीडियो और ग्यारहवीं और बारहवीं कक्षा के छात्रों को कविता और निबंध के साथ 1000 शब्दों में पेंटिंग, मल्टीमीडिया सहित 750 शब्दों में कविता और निबंध भेजेगा, जिसमें पेंटिंग, मल्टीमीडिया शामिल है। इस परियोजना में प्रत्येक श्रेणी से चार सर्वश्रेष्ठ प्रविष्टियां प्रत्येक विद्यालय को भेजनी होंगी। देश भर से कुल 25 प्रवेश फाइनलिस्ट को सम्मानित किया जाएगा। रक्षा मंत्रालय द्वारा 25 प्रविष्टियों के लिए दस हजार नकद पुरस्कार, इन सभी प्रतिभागियों को गणतंत्र दिवस के अवसर पर सम्मानित किया जाएगा। वहीं, प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी छात्रों को भागीदारी का ई-सर्टिफिकेट दिया जाएगा।

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