भारतीय स्मार्टफोन बाजार में एक के बाद एक 5जी स्मार्टफोन लॉन्च किए जा रहे हैं। हर ब्रांड लगातार इस मार्केट में अपनी हिस्सेदारी ज्यादा रखने की कोशिश कर रहा है। इसका एक और पहलू यह है कि 5जी स्मार्टफोन की बाढ़ के बावजूद देश में अभी भी 5जी नेटवर्क उपलब्ध नहीं है। काफी समय से इस संबंध में जानकारी सामने आ रही है कि देश में जल्द ही 5जी नेटवर्क शुरू किया जा सकता है। लगभग सभी बड़े टेलीकॉम ऑपरेटर्स ने इस दिशा में ट्रायल शुरू कर दिया है, लेकिन हाल ही में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत का 5G का इंतजार और लंबा होने वाला है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि 5जी नीलामी की योजनाओं में और देरी हो सकती है। पहले ऐसी खबरें थीं कि केंद्र सरकार द्वारा नवंबर 2021 में 5G स्पेक्ट्रम की नीलामी की योजना बनाई गई है। तब पता चला था कि 5G स्पेक्ट्रम की नीलामी वर्ष 2022 की पहली तिमाही में होने की उम्मीद है, लेकिन अब ऐसा लगता है कि नीलामी को स्थगित कर दिया गया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी से मार्च 2022 के बीच स्पेक्ट्रम की नीलामी की उम्मीद नहीं है और इसका मुख्य कारण 6 महीने के 5G ट्रायल का विस्तार है, जो दूरसंचार विभाग (DoT) ने कई टेलीकॉम ऑपरेटरों को दिया है।
इसमें भारती एयरटेल, रिलायंस जियो और वोडाफोन-आइडिया शामिल हैं। प्रारंभ में, इन दूरसंचार ऑपरेटरों को सरकार द्वारा आवंटित 3500 मेगाहर्ट्ज बैंड में परीक्षण की अनुमति दी गई थी। ये ट्रायल इस महीने के अंत में यानी 26 नवंबर को खत्म होने थे, जब दूरसंचार विभाग ने 5जी ट्रायल को और छह महीने के लिए बढ़ा दिया है। इसका सीधा सा मतलब है कि अब 5जी स्पेक्ट्रम की नीलामी अगले साल मई के आसपास हो सकती है। यह रिपोर्ट मामले से जुड़े सूत्रों के हवाले से दी गई है। सूत्रों ने कहा कि स्पेक्ट्रम की उपलब्धता पर काफी काम करने की जरूरत है। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने भी अभी तक कई बैंडों पर सिफारिशें नहीं दी हैं। इसमें 700MHz, 3.3 से 3.6GHz और मिलीमीटर वेव शामिल हैं।
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