हाल ही में इलेक्ट्रॉनिक्स व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने ई आर एस ओ पर प्रायोगिक परियोजना की शुरुआत की। ई आर एस ओ का पूरा नाम इलेक्ट्रॉनिक्स रिपेयर सर्विसेस आउटसोर्सिंग है। इसका मकसद भारत को वैश्विक स्तर पर सूचना और संचार प्रौद्योगिकी यानि आईसीटी उत्पादों के लिए सबसे आकर्षक मरम्मत गंतव्य बनाना है। ये प्रयोग बेंगलुरू में आयोजित किया जा रहा है। ये तीन महीने की अवधि के लिए चलाया जाएगा। प्रयोग के बाद एक विस्तृत मूल्यांकन किया जाएगा और आवश्यकतानुसार प्रक्रिया और नीति में संशोधन किए जाएंगे। गौरतलब है के अगले पाँच वर्षों में भारत के लिए ई आर एस ओ उद्योग से भारत को 20 बिलियन डॉलर तक का राजस्व प्राप्त होने की संभावना है। इस परियोजना की पहचान भारत के लिए एक बड़े परिवर्तनकारी कदम के रूप में की गई है। साथ ही अब तक अवरुद्ध क्षेत्र में भारत को विश्व में अग्रणी बनाने के लिए इसे सरकार द्वारा समर्थित किया गया है। ई आर एस ओ पहल वैश्विक पर्यावरणीय स्थिरता हेतु एक बड़े परिवर्तनकारी कदम के रूप में पर्यावरण और पृथ्वी के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराती है। ये कार्यक्रम विश्व के लिए आई सी टी उत्पादों की सस्ती और विश्वसनीय मरम्मत प्रदान करके वैश्विक स्तर पर उपकरणों के जीवन का विस्तार करने में सक्षम होगा।
हाल ही में इलेक्ट्रॉनिक्स व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने ई आर एस ओ पर प्रायोगिक परियोजना की शुरुआत की। ई आर एस ओ का पूरा नाम इलेक्ट्रॉनिक्स रिपेयर सर्विसेस आउटसोर्सिंग है। इसका मकसद भारत को वैश्विक स्तर पर सूचना और संचार प्रौद्योगिकी यानि आईसीटी उत्पादों के लिए सबसे आकर्षक मरम्मत गंतव्य बनाना है। ये प्रयोग बेंगलुरू में आयोजित किया जा रहा है। ये तीन महीने की अवधि के लिए चलाया जाएगा। प्रयोग के बाद एक विस्तृत मूल्यांकन किया जाएगा और आवश्यकतानुसार प्रक्रिया और नीति में संशोधन किए जाएंगे। गौरतलब है के अगले पाँच वर्षों में भारत के लिए ई आर एस ओ उद्योग से भारत को 20 बिलियन डॉलर तक का राजस्व प्राप्त होने की संभावना है। इस परियोजना की पहचान भारत के लिए एक बड़े परिवर्तनकारी कदम के रूप में की गई है। साथ ही अब तक अवरुद्ध क्षेत्र में भारत को विश्व में अग्रणी बनाने के लिए इसे सरकार द्वारा समर्थित किया गया है। ई आर एस ओ पहल वैश्विक पर्यावरणीय स्थिरता हेतु एक बड़े परिवर्तनकारी कदम के रूप में पर्यावरण और पृथ्वी के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराती है। ये कार्यक्रम विश्व के लिए आई सी टी उत्पादों की सस्ती और विश्वसनीय मरम्मत प्रदान करके वैश्विक स्तर पर उपकरणों के जीवन का विस्तार करने में सक्षम होगा।
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