जय माँ सेवा समिति चीमा नगर-ग्रीन माडल टाउन जालन्धर के सम्मानीय सदस्यों ने श्री लाल मन्दिर से विधी विधान से वैदिक मंत्रोच्चार, पूजा अर्चना करते हुए, श्री राम जन्मभूमि अयोध्या से आए हुए अक्षत कलश वितरण हेतु प्रभु श्री राम जी के जयकारों के साथ किए प्राप्त

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श्री राम जन्मभूमि अयोध्या से आए हुए पूजित अक्षत वितरण हेतु जय माँ सेवा समिति चीमा नगर-ग्रीन माडल टाउन जालन्धर के सम्मानीय सदस्यों इन्दू भंडारी, वंदना गुप्ता, नीलू मेहता, मनीषा गुप्ता, दीया अरोड़ा, शैली कमल अरोड़ा, मीनू मेहता, पायल, राधिका, रजनी अरोड़ा,ओम भंडारी ने मिल कर, श्री लाल मन्दिर, लाल नगर(गुरु नगर) जालन्धर से विधी विधान से वैदिक मंत्रोच्चार, पूजा अर्चना करते हुए, प्रभु श्री राम जी के जयकारों के साथ अक्षत कलश प्राप्त किए।
जय माँ सेवा समिति चीमा नगर-ग्रीन माडल टाउन जालन्धर के अध्यक्ष जतिंदर कुमार अरोड़ा ने बताया, कि सभी सदस्यों द्वारा मिल कर कालोनी के सभी घरों में जाकर श्री राम जन्मभूमि अयोध्या जी आए अक्षत का वितरण किया जाएगा। एवं 22 जनवरी के लिए सर्व हिन्दू समाज को अक्षत देकर दीप जलाने, रंगोली, आतिशबाजी करने एवं अपने-अपने घरों, मन्दिरों में सफाई के साथ साथ भगवान श्री राम जी के नाम का एक एक पौधा लगाने का आग्रह किया जाएगा।
जय माँ सेवा समिति के चेयरमैन संजय सरीन ने बताया कि हम सभी भाग्यशाली है कि हमें भगवान श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र में श्री राम लला प्राण प्रतिष्ठा निमित्त पूज्य धाम अयोध्या से आए पूजित अक्षत वितरण का सोभाग्य प्राप्त हुआ है।
जय माँ सेवा समिति के महासचिव योगेश सहगल ने बताया कि अक्षत यानि कि पीले चावल का हिंदू संस्कृति में महत्व अपना एक अलग महत्व इसलिए रहता है। क्योंकि कोई भी शुभ कार्य हो तो पीले चावल बांटकर न्योता दिए जाने की हिंदू संस्कृति के लिहाज से एक परंपरा बनी हुई है। जो सदियों से चली आ रही हैं। अतः हम भाग्यशाली है कि हम राम भक्ति से जुड़े अक्षत(चावलों) को घर-घर वितरित करेगें।
जय माँ सेवा समिति के उपाध्यक्ष डाक्टर पंकज गुप्ता ने बताया कि प्रभु श्री राम जी का जन्म त्रेतायुग में हुआ था। परंतु बाद में भारत की भूमि में कई त्रासदियां आई जिससे श्री राम जन्मभूमि एवं सनातन धर्म को गौण कर दिया गया था। श्री राम जन्मभूमि मंदिर को प्राप्त करने के लिए लंबे समय तक संघर्ष करना पड़ा।
हिन्दू जाग्रति मंच के राष्ट्रीय प्रवक्ता वरिदंर पाल बंटी जी ने बताया कि भगवान श्रीराम की महिमा अपरंपार हैं। रामायण पाठ वाले घर में भूत आदि प्रवेश नहीं करते हैं। संसार रूपी सागर से पार होने के लिए गोस्वामी तुलसीदास महाराज ने कृपा करके रामायण रूपी नाव बनाकर तैयार की इस नाव में बैठकर व्यक्ति अपने जीवन का कल्याण कर सकता हैं। रामायण सभी का कल्याण करने वाली हैं। अतः श्री राम कथा में प्रेम करने से मनुष्य जीवन के सभी कार्य, सिद्ध होते हैं। इसलिए रामायण को पढऩा, सुनना चाहिए और मनन करना चाहिए। किसी पापी व्यक्ति के भी जीवन में रामायण के कुछ शब्द सुना दिए जाए तो व्यक्ति पाप मुक्त हो जाता हैं। जिस व्यक्ति ने जीवन में रामायण पढ़ी या सुनी हैं, वह कभी नर्कगामी नहीं होता रामायण के रस को वही व्यक्ति जान सकता हैं, इसलिए व्यक्ति को रामायण का अध्ययन करना चाहिए। इससे वह अपने जीवन को उज्जवल बना सकता हैं।
श्री लाल मन्दिर के महासचिव राजेश शर्मा ने बताया कि आज श्री अयोध्या जी में भगवान श्री रामलला जी का भव्य मंदिर बन रहा हैं। जिस से भारत ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में सनातन धर्म का परचम लहराएगा। उन्होंने ने आगे बताया कि श्री राम मंदिर परिसर के चारों कोनों पर चार मंदिर बन रहे हैं। जो सूर्य देव, देवी भगवती, गणेश भगवान और भगवान शिव को समर्पित होंगे, एवं उत्तरी भुजा में मां अन्नपूर्णा का मंदिर, जबकि दक्षिणी भुजा में हनुमान जी का मंदिर बनाया गया है। जिसे भारत की पारंपरिक और स्वदेशी तकनीक का उपयोग करके बनाया जा रहा हैं। जिसका निर्माण पर्यावरण-जल संरक्षण पर विशेष जोर देते हुए किया जा रहा है।

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