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शनिवार, 24 अगस्त 2024

राम मंदिर में जल्द बनने जा रहा है भव्य राम दरबार, जानें इसकी खासियत

ayodhya ram mandir

अयोध्या: राम नगरी में बना भव्य मंदिर लोगों को अपनी तरफ खूब आकर्षित कर रहा है। प्राण प्रतिष्ठा के बाद से यहां दर्शनार्थियों की लगातार भीड़ उमड़ रही है। हर दिन बड़ी संख्या में पहुंच रहे श्रद्धालु रामलीला के दर्शन कर भाव विभोर हो रहे हैं। यहां आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा का भी पूरा ख्याल रखा जा रहा है। बैठने की व्यवस्था हो या फिर शौचालय, पानी से लेकर चिकित्सा, सब तरह के इंतज़ाम यहां मौजूद हैं। गुरुवार 22 August को, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के board of trustes की त्रिमासिक एक दिवसीय बैठक हुई, जिसके बाद यह जानकारी दी गई। Sgrieve किला के नीचे लगभग तीन सौ, साढ़े तीन सौ लोगों के बैठने की व्यवस्था है। स्त्री और पुरुषों के लिए अलग अलग शौचालय, शुद्ध पानी पीने की व्यवस्था, Mobile रखने के लिए दस हज़ार locker available है, सभी निशुल्क है। इन सबके बीच मंदिर का बाकि काम भी जारी है। तीन मंज़िल वाले इस मंदिर का काम इस साल के आखिर तक पूरा होने की उम्मीद है। हालांकि साज सज्जा का काम अगले साल 2025 में भी चलता रहेगा।
श्री राम जन्मभूमि परिसर में वनरहा परकोटा और शेष छह मंदिरों के साथ भीतर के मार्ग यात्री सुविधा केंद्र समेत सभी निर्माण कार्य 2025 में पूरा होंगे और तब यहां की भव्यता और देखने वाली होगी। अभी मुख्य गर्भगृह में भगवान श्री राम बाल रूप में विराजे हैं, तो पहली मंज़िल पर श्री राम दरबार होगा। श्री राम जन्मभूमि मंदिर में रामलला की मूर्ति भले ही कर्नाटक के पत्थर से तैयार की गई है। लेकिन प्रथम तल पर स्थापित होने वाला राम दरबार सफेद संगमरमर का होगा। यह मूर्तियां भगवान राम, माता जानकी, हनुमान समेत, भगवान राम के बाकी तीनों भाइयों लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न की होगी। पहले ये मूर्तियां Titanium से बनवाई गई थी। इसे अब राम मंदिर trust को सौंप दिया गया है। निर्णय यह हुआ है कि अब सभी मूर्तियां सफेद संगमरमर की बनेगी। titanium का दरबार बनाने वाले व्यक्ति ने वह दरबार art trust को भेंट किया है। यह राम जन्मभूमि को राम लल्ला को भेंट किया है।
सुझाव यह आया है कि हर एक मंदिर में चल मूर्ति होती है, उत्सव मूर्तियां। तो यह उत्सव मूर्ति के रूप में पहले तल पर रखा जाए यह सुझाव आया है। इससे साफ है कि आने वाले समय में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र और ज़्यादा भव्य नज़र आएगा और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का विस्तार भी होगा।

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