पंजाबी भाषा के प्रचार में सशक्त कदम: मंत्री मोहिंदर भगत ने हरी झंडी दिखाकर किया पंजाबी जागृति मार्च का शुरुआत - MSD News

Breaking

Home Top Ad

Post Top Ad

शुक्रवार, 21 फ़रवरी 2025

पंजाबी भाषा के प्रचार में सशक्त कदम: मंत्री मोहिंदर भगत ने हरी झंडी दिखाकर किया पंजाबी जागृति मार्च का शुरुआत

Punjabi Language

जालंधर: शहर में हर साल की तरह इस वर्ष भी मां बोली दिवस धूमधाम से मनाया गया। पंजाबी भाषा के प्रचार - प्रसार को लेकर पंजाबी जागृति मंच की तरफ से शुक्रवार को पंजाबी जागृति मार्च निकाला गया। मार्च को कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत ने हरी झंडी देकर रवाना किया। यह मार्च नकोदर रोड पर स्थित लायलपुर खालसा स्कूल से शुरू होकर विभिन्न इलाकों से होते हुए देश भगत यादगार हॉल में संपन्न हुआ।
जागृति मार्च में कैबिनेट मंत्री और आम आदमी पार्टी के पंजाब प्रधान अमन अरोड़ा विशेष तौर पर शामिल हुए। उन्होंने इस अवसर पर लोगों को बधाई दी और मातृभाषा के महत्व को समझाया। मंच के सचिव और पंजाब हेरीटेज एंड टूरिज्म प्रमोशन बोर्ड के सलाहकार दीपक बाली मार्च की अगुवाई कर रहे थे। वहीं विधायक रमन अरोडा, डिप्टी कमिश्नर डा. हिमांशु अग्रवाल, चेयरमैन पंजाब कर्मचारी कमिशन चंदन ग्रेवाल, मेयर विनीत धीर, डिप्टी मेयर मलकीत सिंह, आप नेता राजविंदर कौर थियाड़ा और पवन टीनू सहित कई नेता भी इस अवसर पर मौजूद रहें।
इसके अलावा गायक गुरनाम भुल्लर, कमल हीर, जैजी बी, प्रीत हरपाल और दलविंदर दयालपुरी ने आए हुए स्कूली और कालेजों के छात्रृ-छात्राओ को अपने गीतों से झूमने पर मजबूर कर दिया। इस मार्च में देश-विदेश के लोगों के लिया भाग।
इस अवसर पर श्री अमन अरोड़ा ने सबसे पहले दीपक बाली जी को जागृति मार्च निकालने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि बाली जी पंजाबी मां बोली की सेवा करने के अलावा पंजाबी सभ्याचार से काफी समय से जुड़े हुए हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि अपनी मातृभाषा पंजाबी को प्राथमिकता दें। पंजाब सरकार भी पंजाबी भाषा के प्रचार प्रसार के लिए यत्नशील है। उन्होंने कहा कि अभिभावक और बच्चे घर पर अकसर पंजाबी भाषा में ही बात करें। भाषा कोई भी हो सब हम सभी भाषाओं का सम्मान करते हैं। अंत में उन्होंने पंजाब जागृति मंच और आए हुए मेहमानों का धन्यावाद व्यक्त किया।
इस दौरान मंच के सचिव दीपक बाली ने कहा कि मां बोली पंजाबी का व्यापक स्तर पर प्रचार किए जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थाओं में पंजाबी भाषा की अनिवार्यता को सुनिश्चित करना चाहिए। इसके साथ ही समाज को भी इसमें सहयोग करना होगा।उन्होंने आगे कहा कि पंजाबी मां बोली दिवस को एक त्योहार के रूप में मनाना चाहिए । उन्होने आगे कहा कि मां बोली का झंडा बुलंद करने में पंजाब सरकार का बड़ा योगदान है। उन्होंने आगे कहा कि किसी भी व्यक्ति की पहचान उसकी मातृभाषा से होती है। व्यक्ति को भाषा हर कोई सीखनी चाहिए,. लेकिन अपनी मातृभाषा को बेमुख नहीं करना चाहिए। मार्च में विभिन्न स्कूलों के स्टूडेंट्स, स्वयं सेवी संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।
वहीं पंजाब जागृति मार्च में पहुंचे गायक जैज़ी बी ने बच्चों, अभिवावकों और स्कूल के टीचरों से अपील की कि अपनी मातृभाषा पंजाबी को प्राथमिकता दें। जैज़ी बी ने अपना उदाहरण देते हुए कहा कि अगर पंजाबी मातृभाषा नहीं होती तो आज वह कहीं और काम कर रहा होता।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें


Post Bottom Ad

Pages