ITR Filing 2026: इन 10 तरह की आय पर नहीं लगता इनकम टैक्स, जानिए पूरी जानकारी
हर साल आयकर रिटर्न (ITR) भरते समय अधिकांश लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि कौन-सी आय टैक्स के दायरे में आती है और कौन-सी नहीं। भारत के आयकर कानून में कुछ ऐसी आय भी शामिल हैं जिन पर किसी प्रकार का इनकम टैक्स नहीं देना पड़ता। इन आय स्रोतों की सही जानकारी होने से टैक्सपेयर्स बेहतर वित्तीय योजना बना सकते हैं और अनावश्यक टैक्स भुगतान से बच सकते हैं।
अगर आप ITR Filing 2026 की तैयारी कर रहे हैं, तो यह जानना बेहद जरूरी है कि किन आय स्रोतों को टैक्स-फ्री माना जाता है।
1. कृषि आय (Agricultural Income)
भारत में कृषि से होने वाली आय को आमतौर पर आयकर से छूट प्राप्त है। यदि आय सीधे कृषि गतिविधियों से अर्जित हुई है, तो उस पर टैक्स नहीं लगाया जाता। हालांकि कुछ विशेष परिस्थितियों में इसे कुल आय की गणना के लिए शामिल किया जा सकता है।
2. भविष्य निधि (PF) की परिपक्वता राशि
नियमों के अनुसार पात्र कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) खाते की मैच्योरिटी पर मिलने वाली राशि टैक्स-फ्री हो सकती है। इसमें कर्मचारी और नियोक्ता दोनों के योगदान के साथ अर्जित ब्याज भी शामिल होता है, बशर्ते संबंधित शर्तें पूरी हों।
3. जीवन बीमा पॉलिसी की मैच्योरिटी राशि
कई जीवन बीमा योजनाओं में मैच्योरिटी पर प्राप्त राशि या मृत्यु दावा (Death Benefit) टैक्स से मुक्त होता है। हालांकि कुछ विशेष मामलों में प्रीमियम और सम एश्योर्ड से जुड़े नियम लागू हो सकते हैं।
4. विरासत और उत्तराधिकार से मिली संपत्ति
परिवार या रिश्तेदारों से विरासत में प्राप्त संपत्ति, नकदी या अन्य परिसंपत्तियों पर आमतौर पर टैक्स नहीं लगता। हालांकि बाद में उस संपत्ति से होने वाली आय पर टैक्स लागू हो सकता है।
5. रिश्तेदारों से प्राप्त उपहार
निर्धारित रिश्तेदारों से प्राप्त धनराशि या उपहार को आयकर के दायरे से बाहर रखा गया है। इसमें माता-पिता, भाई-बहन, पति-पत्नी और कुछ अन्य निकट संबंधी शामिल हो सकते हैं।
6. छात्रवृत्ति (Scholarship)
शिक्षा के उद्देश्य से प्राप्त छात्रवृत्ति राशि को कर-मुक्त माना जाता है। विद्यार्थियों को मिलने वाली स्कॉलरशिप पर सामान्यतः आयकर नहीं लगाया जाता।
7. ग्रेच्युटी (Gratuity)
नौकरी छोड़ने, रिटायरमेंट या सेवा समाप्ति के समय मिलने वाली ग्रेच्युटी पर निर्धारित सीमा तक टैक्स छूट उपलब्ध होती है। इसकी सीमा कर्मचारी की श्रेणी और सेवा शर्तों पर निर्भर करती है।
8. वसीयत (Will) के माध्यम से प्राप्त संपत्ति
यदि किसी व्यक्ति को वसीयत के जरिए धन या संपत्ति प्राप्त होती है, तो उसे सामान्यतः कर-मुक्त माना जाता है। हालांकि भविष्य में उस संपत्ति से उत्पन्न आय टैक्सेबल हो सकती है।
9. हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) से प्राप्त राशि
कुछ परिस्थितियों में HUF के सदस्यों को मिलने वाली राशि पर आयकर नहीं लगता। यह छूट आयकर कानून के विशेष प्रावधानों के तहत उपलब्ध होती है।
10. कुछ विशेष सरकारी या सामाजिक लाभ
सरकार द्वारा दी जाने वाली कुछ सहायता योजनाएं, अनुदान और कल्याणकारी लाभ भी टैक्स-फ्री श्रेणी में आ सकते हैं। इनके लिए अलग-अलग नियम लागू होते हैं।
ITR भरते समय किन बातों का रखें ध्यान?
· सभी आय स्रोतों की सही जानकारी दर्ज करें।
· टैक्स-फ्री आय को भी आवश्यक होने पर रिटर्न में घोषित करें।
· फॉर्म 26AS और AIS से अपनी आय का मिलान करें।
· समय सीमा के भीतर ITR दाखिल करें।
· आवश्यक दस्तावेज सुरक्षित रखें।
निष्कर्ष
ITR Filing 2026 के दौरान टैक्स-फ्री आय की सही जानकारी होना हर टैक्सपेयर के लिए महत्वपूर्ण है। कृषि आय, छात्रवृत्ति, बीमा मैच्योरिटी, विरासत में मिली संपत्ति और रिश्तेदारों से प्राप्त कुछ उपहार जैसी कई आय श्रेणियां आयकर से मुक्त हो सकती हैं। हालांकि प्रत्येक छूट के साथ कुछ शर्तें भी जुड़ी होती हैं, इसलिए रिटर्न भरने से पहले नियमों को अच्छी तरह समझना आवश्यक है। सही जानकारी और समय पर फाइलिंग न केवल टैक्स अनुपालन को आसान बनाती है बल्कि भविष्य में किसी भी नोटिस या विवाद की संभावना को भी कम करती है।