नई दिल्ली, 3 सितंबर 2026: असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की तय समयसीमा अब समाप्त हो चुकी है। जिन टैक्सपेयर्स ने अभी तक अपना ITR दाखिल नहीं किया है, उनके लिए राहत की बात यह है कि रिटर्न दाखिल करने का रास्ता पूरी तरह बंद नहीं हुआ है। ऐसे करदाता Belated ITR दाखिल कर सकते हैं, हालांकि इसके लिए लागू लेट फीस और, परिस्थितियों के अनुसार, बकाया टैक्स पर ब्याज देना पड़ सकता है।
किन टैक्सपेयर्स की डेडलाइन कब थी?
असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए अलग-अलग श्रेणी के करदाताओं की ITR दाखिल करने की समयसीमा अलग रही है।
वेतनभोगी, पेंशनभोगी और ऐसे निवेशक जिन पर ITR-1 या ITR-2 लागू होता है, उनके लिए सामान्य ITR दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई 2026 थी।
वहीं, बिजनेस, फ्रीलांसिंग, प्रोफेशनल सर्विस या ट्रेडिंग जैसी आय वाले और संबंधित परिस्थितियों में ITR-3 या ITR-4 दाखिल करने वाले टैक्सपेयर्स के लिए अंतिम तारीख 31 अगस्त 2026 थी।
अगर आप अपनी संबंधित डेडलाइन तक ITR दाखिल नहीं कर पाए हैं, तो अब आपको Belated Return के जरिए रिटर्न दाखिल करना होगा।
क्या है Belated ITR?
जब कोई करदाता निर्धारित Due Date के बाद अपना Income Tax Return दाखिल करता है, तो उसे Belated Return कहा जाता है। AY 2026-27 के लिए इसे Income Tax Act, 1961 की धारा 139(4) के तहत दाखिल किया जा सकता है।
Income Tax Department के मुताबिक, AY 2026-27 के लिए Belated ITR 31 दिसंबर 2026 तक, या उससे पहले असेसमेंट पूरा होने तक, जो भी पहले हो, दाखिल किया जा सकता है।
इसलिए जिन लोगों की ITR की मूल डेडलाइन निकल चुकी है, उन्हें देरी को और बढ़ाने के बजाय जल्द से जल्द अपना रिटर्न दाखिल करने पर ध्यान देना चाहिए।
कितनी देनी होगी Late Fee?
Belated ITR दाखिल करने पर धारा 234F के तहत लेट फीस लागू होती है। फीस आपकी कुल आय पर निर्भर करती है:
₹5 लाख तक की कुल आय: ₹1,000 लेट फीस
₹5 लाख से अधिक कुल आय: ₹5,000 लेट फीस
इसके अलावा, यदि टैक्स बकाया है तो देरी की अवधि के लिए लागू ब्याज भी देना पड़ सकता है।
क्या Belated ITR में Refund मिल सकता है?
हां, केवल इसलिए कि ITR Belated है, इसका मतलब यह नहीं है कि टैक्स रिफंड का दावा स्वतः खत्म हो जाता है। पात्रता होने पर Belated Return के जरिए Refund Claim किया जा सकता है। हालांकि रिफंड की वास्तविक प्रक्रिया और पात्रता आपकी आय, TDS, टैक्स भुगतान और रिटर्न में दर्ज विवरण पर निर्भर करेगी।
देर से ITR भरने पर क्या नुकसान हो सकता है?
समयसीमा के बाद ITR दाखिल करने का असर सिर्फ लेट फीस तक सीमित नहीं हो सकता। यदि टैक्स देय है, तो लागू ब्याज भी जुड़ सकता है।
इसके अलावा, कुछ प्रकार के Business Loss या Capital Loss को आगे Carry Forward करने का लाभ Belated Return में प्रभावित हो सकता है। इसलिए जिन करदाताओं के लिए नुकसान को अगले वर्षों में समायोजित करना महत्वपूर्ण है, उन्हें नियमों को विशेष रूप से ध्यान में रखना चाहिए।
इसी तरह, Business/Profession Income वाले करदाताओं के लिए Tax Regime से जुड़े नियम भी महत्वपूर्ण हैं। ऐसे मामलों में केवल सामान्य ITR filing instructions पर निर्भर रहने के बजाय अपनी स्थिति के अनुसार लागू नियमों की जांच करना जरूरी है।
Belated ITR ऑनलाइन कैसे दाखिल करें?
Belated ITR दाखिल करने के लिए करदाता Income Tax Department के e-Filing Portal का इस्तेमाल कर सकते हैं।
सामान्य प्रक्रिया इस प्रकार है:
Income Tax Department के e-Filing Portal पर लॉगिन करें।
e-File सेक्शन में जाकर Income Tax Return चुनें।
संबंधित Assessment Year 2026-27 का चयन करें।
अपनी स्थिति के अनुसार सही ITR Form चुनें।
Filing details में Due Date के बाद दाखिल किए जा रहे Return के लिए संबंधित Section 139(4) का विकल्प चुनें।
अपनी Income, TDS, Deductions और अन्य जरूरी जानकारी ध्यान से भरें।
Tax liability और लागू Late Fee/Interest की जांच करें।
Return Submit करने के बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार e-Verify करना न भूलें।
Income Tax Department भी ITR दाखिल करते समय सही Assessment Year और लागू Form चुनने की सलाह देता है।
31 दिसंबर के बाद क्या होगा?
अगर कोई पात्र करदाता 31 दिसंबर 2026 तक भी Belated Return दाखिल नहीं करता, तो मामला सामान्य Belated ITR की समयसीमा से आगे चला जाता है। ऐसी स्थिति में Updated Return (ITR-U) जैसे विकल्प लागू परिस्थितियों और शर्तों के अधीन हो सकते हैं। ITR-U के साथ अतिरिक्त टैक्स और अन्य शर्तें लागू हो सकती हैं, इसलिए इसे Belated ITR का सीधा विकल्प समझना सही नहीं होगा।
कुछ विशेष परिस्थितियों में देरी के कारण के आधार पर condonation से जुड़े प्रावधान भी उपलब्ध हो सकते हैं, लेकिन यह सामान्य तौर पर स्वतः मिलने वाली छूट नहीं है और इसके लिए निर्धारित शर्तें पूरी करनी होती हैं।
Taxpayers के लिए जरूरी सलाह
अगर आपने अभी तक AY 2026-27 का ITR दाखिल नहीं किया है, तो आखिरी तारीख का इंतजार करने के बजाय जल्द से जल्द अपनी आय, TDS और टैक्स से जुड़ी जानकारी जांचकर Return दाखिल करना बेहतर है।
खास तौर पर Form 26AS/AIS, TDS और बैंक/निवेश से संबंधित आय का मिलान जरूर करें। गलत जानकारी के साथ जल्दबाजी में ITR दाखिल करने के बजाय सही विवरण के साथ रिटर्न जमा करना ज्यादा महत्वपूर्ण है।
नोट: टैक्स नियम व्यक्ति की आय, आय के स्रोत, टैक्स व्यवस्था और अन्य परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग लागू हो सकते हैं। यह खबर सामान्य जानकारी के उद्देश्य से है। किसी जटिल टैक्स मामले में योग्य टैक्स प्रोफेशनल/CA की सलाह लेना उचित रहेगा।


कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें