चीन में कोरोना से मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वहीं, चीन में वुहान से शुरू हुआ कोरोना वायरस अब दुनिया के 28 देशों में फैल चुका है। चीन के बाहर भी, कई देशों में कोरोना से लोगो की मृत्यु हुई है। इस बीच, अमेरिकी वैज्ञानिकों ने कोरोना वायरस का टीका और इलाज खोजने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इन वैज्ञानिकों ने कोरोना का 3-डी परमाणु स्केल मैप तैयार किया है।
टेक्सास विश्वविद्यालय और संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान के वैज्ञानिकों ने कोरोना वायरस की खोज में सफलता पाई है। समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, इन वैज्ञानिकों को कोरोना वैक्सीन खोजने में सफलता मिली है। चीनी शोधकर्ताओं द्वारा प्रदान किए गए वायरस के आनुवंशिक कोड की मदद से वे सफल रहे हैं। ये वैज्ञानिक इस परमाणु नक्शे को दुनिया भर के वैज्ञानिकों के साथ साझा करेंगे, ताकि इस पर और शोध किया जा सके। वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि इसकी मदद से वायरस से लड़ने के लिए प्रतिरक्षा प्रणाली तैयार करना संभव होगा।
वैक्सीन 'स्पाइक प्रोटीन' के जरिए तैयार की जा सकती है
टेक्सास विश्वविद्यालय और राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान (NIH) की टीमों ने सबसे पहले चीनी शोधकर्ताओं द्वारा प्रदान किए गए वायरस के आनुवंशिक कोड का अध्ययन किया। फिर उसने एक स्टेबलाइजर नमूना बनाया, जिसे स्पाइक प्रोटीन कहा जाता है। टीम के सदस्य अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग करके स्पाइक प्रोटीन की छवि बनाते हैं और फिर साइंस जर्नल में प्रकाशित अपने शोध के निष्कर्ष निकाले। केवल इस स्पाइक प्रोटीन के जरिए ही कोरोना वैक्सीन तैयार की जा सकती है। ऐसे में इस नई खोज को कोरोना वैक्सीन विकास की दिशा में एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है।


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