जालंधर: सेंट जॉर्ज कान्वेंट स्कूल, मॉडल टाउन में श्री गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी दिवस को उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर गुरु का लंगर लगाया गया और शहर वासियो के द्वारा लंगर को ग्रहण किया। स्कूल की नोवी और दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों ने बड़ी ही उत्साह और श्रद्धा भाव से गुरु के लंगर की सेवा की गई। इस मौके पर स्कूल के एमडी श्रीमती नीलम कत्याल ने बताया श्री गुरु तेग बहादुर साहिब ने अपनी सच्चाई, उसूलों व अपने विश्वास की खातिर सिख धर्म के लिए कुर्बानी दी। गुरु जी धर्म परिवर्तन के सख्त खिलाफ थे। गुरु जी अपनी अंतिम सांस तक उन्होंने अन्याय के खिलाफ लड़ाई लड़ी। मुगल शासक चाहते थे कि गुरु तेग बहादुर इस्लाम स्वीकार कर लें लेकिन उन्होंने इससे इनकार कर दिया था। गुरु तेग बहादुर के त्याग और बलिदान के लिए उन्हें ‘हिंद दी चादर’ कहा जाता है। उन्होंने गुरु के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि लोगों की सेवा करके ही प्रभु को पाया जा सकता है और हर इंसान को परमात्मा का सिमरन करना चाहिए। इस मौके पर विशेष रूप से मॉडल टाउन के काउंसलर श्रीमती अरुणा अरोड़ा, स्कूल के प्रिंसिपल बी. डी. सिंह, स. लाली घुम्मन, श्री अंकित कत्याल, स्कूल स्टाफ भावना गर्ग, सोनिआ खन्ना , डिम्पी भाटिया, सौरव ने भी मौजूद हो कर सेवा की।
जालंधर: सेंट जॉर्ज कान्वेंट स्कूल, मॉडल टाउन में श्री गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी दिवस को उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर गुरु का लंगर लगाया गया और शहर वासियो के द्वारा लंगर को ग्रहण किया। स्कूल की नोवी और दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों ने बड़ी ही उत्साह और श्रद्धा भाव से गुरु के लंगर की सेवा की गई। इस मौके पर स्कूल के एमडी श्रीमती नीलम कत्याल ने बताया श्री गुरु तेग बहादुर साहिब ने अपनी सच्चाई, उसूलों व अपने विश्वास की खातिर सिख धर्म के लिए कुर्बानी दी। गुरु जी धर्म परिवर्तन के सख्त खिलाफ थे। गुरु जी अपनी अंतिम सांस तक उन्होंने अन्याय के खिलाफ लड़ाई लड़ी। मुगल शासक चाहते थे कि गुरु तेग बहादुर इस्लाम स्वीकार कर लें लेकिन उन्होंने इससे इनकार कर दिया था। गुरु तेग बहादुर के त्याग और बलिदान के लिए उन्हें ‘हिंद दी चादर’ कहा जाता है। उन्होंने गुरु के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि लोगों की सेवा करके ही प्रभु को पाया जा सकता है और हर इंसान को परमात्मा का सिमरन करना चाहिए। इस मौके पर विशेष रूप से मॉडल टाउन के काउंसलर श्रीमती अरुणा अरोड़ा, स्कूल के प्रिंसिपल बी. डी. सिंह, स. लाली घुम्मन, श्री अंकित कत्याल, स्कूल स्टाफ भावना गर्ग, सोनिआ खन्ना , डिम्पी भाटिया, सौरव ने भी मौजूद हो कर सेवा की।
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