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शुक्रवार, 21 जनवरी 2022

उपायुक्त के आदेश पर उड़न दस्ते की टीमों ने प्रिंटिंग प्रेस मालिकों को चुनाव आयोग की गाइडलाइंस से कराया अवगत


जालंधर: डिप्टी कमिशनर-कम-ज़िला चुनाव अधिकारी घनश्याम थोरी के दिशा-निर्देशो पर फलायंग सकुऐड टीमों की तरफ से ज़िले में प्रकाशको और प्रिंटरों की दुकानों पर जा कर उनको भारतीय चुनाव आयोग की राजनीतिक प्रचार सामग्री छापने सम्बन्धित निर्देशों के बारे में विस्थारित जानकारी दी गई। इन टीमों ने जालंधर शहरी इलाकों के इलावा फ़िल्लौर, शाहकोट, नकोदर, आदमपुर, जालंधर कैंट और करतारपुर में प्रिंटरो/प्रकाशक़ो के पास जा कर उनको चुनाव आयोग के दिशा -निर्देशों से जानकार करवाया और बताया कि पोस्टरों और पैंफलेटों की छपाई का कारोबार चलाने वाले उद्दमियों को विधान सभा चुनाव दौरान पैंफलेट, हैंडबिल, पोस्टर आदि सहित चुनाव प्रचार सामग्री पर अपना नाम और पता छापना चाहिए। लोग प्रतिनिधित्व एक्ट, 1951 की धारा ए अधीन कानूनी व्यवस्थाएं के अंतर्गत चुनाव इशतेहार, पैंफलेट और पोस्टर आदि के लिए प्रकाशक के साथ-साथ प्रिंटर का नाम और पता छापना भी ज़रूरी है और ऐसा न करने पर चुनाव आयोग के आदेशों अनुसार कार्यवाही हो सकती है।
डिप्टी कमिशनर घनश्याम थोरी ने इस सम्बन्धित जानकारी देते हुए बताया कि चुनाव कमिशन की तरफ से ऐसी प्रचार सामग्री की निगरानी के लिए कुछ मापदंड तय किये गए हैं, जिन पर नज़र रखने के लिए फलायंग सकुऐड टीमें तैनात की गई हैं। प्रशासन की तरफ से प्रिंटरों की ऐसोसीएशनों के साथ पहले ही मीटिंग की जा चुकी है जिससे उनको चुना दौरान छपाई सम्बन्धित प्रचलित निर्देशो के बारे जानकार करवाया जा सके।
ज़िला स्तरीय ऐम.सी.ऐम.सी. से मंज़ूरी लिए बिना कोई राजनीतिक इश्तिहार नहीं किया जा सकता प्रकाशित:
भारतीय चुनाव आयोग की तरफ से जारी दिशा-निर्देशों की पालना करते हुए ज़िला प्रशासन ने पैड न्यूज पर नज़र रखने के लिए ज़िला प्रशासकीय कंपलैक्स के कमरा नंबर 14-ए में मीडिया सर्टिफ़िकेशन और मोनिटरिंग समिति की स्थापना की है, जहाँ उम्मीदवार और राजनीतिक पार्टियाँ अपने राजनीतिक इशतेहार और प्रचार सामग्री प्रकाशित करने से पहले ऐम.सी.ऐम.सी. से प्रमाणित करवा सकते हैं। समिति की तरफ से प्रिंट/इलेक्ट्रानिक मीडिया और सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर ऐसे सभी राजनीतिक इशतेहारों की निगरानी की जायेगी और प्री-सर्टिफ़िकेशन के लिए आवेदन प्राप्त होने के दो दिनों के अंदर समिति अपना फ़ैसला देगी।
जनतक स्थानों पर राजनीतिक इशतेहारों के सभी ऑडीओ-विजुअल डिसपलेय, प्रचार सामग्री में बल्क ऐस.ऐम.ऐस/वायस सन्देशों का प्रयोग के लिए भी सर्टिफ़िकेशन की ज़रूरत है।
कमिशन ने यह भी हिदायत की है कि किसी भी राजनीतिक पार्टी या उम्मीदवार या किसी अन्य संस्था या व्यक्ति की तरफ से कोई भी राजनीतिक इशतेहार वोटों वाले दिन और वोटों वाले दिन से एक दिन पहले प्रिंट मीडिया में तब तक प्रकाशित नहीं किया जा सकता जब तक राजनीतिक इशतेहारों का कंटैंट ऐम.सी.ऐम.सी. से स्वीकृत नहीं करवाया जाता।





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