पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के सोशल मीडिया अकाउंट को सरकार ने बैन कर दिया है। इसके साथ ही इसके कई नेताओं के अकाउंट पर भी रोक लगा दी गई है। पिछले दो हफ्ते में छापेमारी के दौरान पीएफआई के कई नेताओं को गिरफ्तार किया गया है। इनकी संख्या 200 से ज्यादा बताई जाती है। अब इस इस्लामिक ग्रुप जैसे ट्विटर, फेसबुक और इंस्टाग्राम के सोशल मीडिया अकाउंट्स पर भी बैन लगा दिया गया है। ट्विटर ने 28 सितंबर को इस्लामिक ग्रुप PFI के ऑफिशियल अकाउंट पर बैन लगा दिया था। इसके साथ ही इसके कई नेताओं के ट्विटर अकाउंट पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। संस्था का @PFIofficial के नाम से एक ट्विटर अकाउंट था, जिसके 81 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स थे। सोशल मीडिया साइट ने इसे बैन कर दिया है। इसके अलावा संगठन के अध्यक्ष ओएमए सलाम (@oma_salam) के अकाउंट को भी बैन कर दिया गया है, जिसके करीब 50 हजार फॉलोअर्स थे। प्रतिबंधित खातों में समूह के महासचिव अनीस अहमद (@AnisPFI) का खाता भी शामिल है, जिसके करीब 85,000 अनुयायी थे। ये दोनों लोग पीएफआई के 200 से ज्यादा नेताओं में शामिल हैं, जिन्हें पिछले दो हफ्तों में छापेमारी के दौरान गिरफ्तार किया गया है।
ट्विटर के अलावा ग्रुप के फेसबुक और इंस्टाग्राम अकाउंट को भी बैन कर दिया गया है। इस ग्रुप के फेसबुक और इंस्टाग्राम प्रोफाइल अब वेबसाइट पर उपलब्ध नहीं हैं। सोशल मीडिया बैन से एक दिन पहले गृह मंत्रालय ने PFI पर पांच साल का बैन लगाया था। यह प्रतिबंध संगठन पर आतंकी गतिविधियों में शामिल पाए जाने पर लगाया गया है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी और प्रवर्तन निदेशालय, जो अखिल भारतीय महत्व के मामलों की जांच करता है, ने आरोप लगाया है कि पीएफआई के इस्लामिक स्टेट आतंकवादी समूह के साथ संबंध हैं और हथियार प्रशिक्षण शिविर भी आयोजित करता है। वहीं पीएफआई की छात्र शाखा इस प्रतिबंध के खिलाफ कोर्ट जाने की तैयारी कर रही है। शाखा ने समूह के खिलाफ लगाए गए आरोपों से इनकार किया है। हालांकि, सरकारी कार्रवाई के बाद शाखा ने अपनी इकाइयों को भंग कर दिया है। पीएफआई के अलावा देश में रिहैब इंडिया फाउंडेशन, कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया, ऑल इंडिया इमाम काउंसिल, नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स ऑर्गनाइजेशन, नेशनल वुमन फ्रंट, जूनियर फ्रंट, एम्पावर इंडिया फाउंडेशन और रिहैब फाउंडेशन, केरल समेत कई अन्य संगठनों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
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