ऑस्ट्रेलियाई शोधकर्ताओं ने हाल ही में एक 3D प्रिंटिंग रोबोट का आविष्कार किया है. रोबोट को मरीजों के शरीर के अंदर जीवित कोशिकाओं का 3D प्रिंट करने के लिए डिजाइन किया गया है. यह 3D प्रिंटिंग रोबोट ऊतकों के प्रत्यारोपण और उपचार के लिए की जाने वाली सर्जरी की आवश्यकता को समाप्त कर सकता है. 3D बायोप्रिंटिंग या बायोप्रिंटिंग, ऊतक प्रतिकृति (tissue replication) का एक तरीका होता है. बायोप्रिंटिंग, अस्थायी या स्थायी रूप से जीवित कोशिकाओं को बनाने और उनका पोषण करने के लिए उपयोग में लायी जाती है. 3D बायोप्रिंटिंग में 'बायोइंक' का प्रयोग किया जाता है. बायोइंक, त्वचा जैसे कृत्रिम जीवित ऊतकों को प्रिंट करने के लिए बायोमैटेरियल्स या जीवित कोशिकाओं द्वारा तैयार की जाती है.
उपयोग
बायोप्रिंटिंग द्वारा वांछित ऊतक/अंग आदि की वास्तविक संरचना की हू-ब-हू नकल तैयार की जा सकती है. मानव त्रुटियों को कम कर भविष्य की चिकित्सा उपचार क्षमताओं में क्रांति लाने में सक्षम बायोप्रिंटिंग जटिल प्रक्रियाओं के स्वचालन और दवाओं के प्रभाव की अधिक सटीक जाँच करने में समर्थ है. वर्तमान में बायोप्रिंटिंग का उपयोग स्वास्थ्य क्षेत्र में कई स्थानों जैसे, कान का प्रत्यारोपण करने, स्टेम सेल का उत्पादन करने और पुनर्निर्माण राइनोप्लास्टी करने आदि में किया जा रहा है.
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