हाल ही में विश्व स्वास्थ्य संगठन डब्ल्यूएचओ ने एक वैश्विक नेटवर्क लॉन्च किया है। यह नेटवर्क कोविड-19 जैसे संक्रामक रोगों के खतरे का तेजी से पता लगाने और उनके प्रसार को रोकने के लिए जानकारी साझा करने में मदद करेगा। इसका नाम इंटरनेशनल पैथोजन सर्विलांस नेटवर्क दिया गया है। यह देशों और क्षेत्रों को जोड़ने नमूनों को इकट्ठा करने और उनका विश्लेषण करने में सिस्टम में सुधार के लिए एक साझा मंच प्रदान करेगा। नेटवर्क का उद्देश्य यह सुनिश्चित करने में मदद करना है कि संक्रामक रोगों के खतरों को कैसे तेजी से पहचाना और ट्रैक किया जाए और सूचनाओं को साझा किया जाए। साथ ही यह नेटवर्क वायरस बैक्टीरिया और अन्य रूप पैदा करने वाले जीवों के आनुवंशिक कोड का विश्लेषण करने के लिए रोग जनित जीनोमिक्स पर निर्भर करेगा ताकि यह समझा जा सके कि वे कितने संक्रामक और घातक हैं और वे कैसे फैलते हैं। गौरतलब है कि एकत्र किया गया डेटा एक व्यापक रोग निगरानी प्रणाली में फीड किया जाएगा। इस डेटा का उपयोग रोगों की पहचान करने और उन पर नजर रखने के लिए किया जाएगा, ताकि उपचार और संबंधित टीके विकसित किए जा सकें। गौरतलब है कि कोविड-19 ने महामारी के खतरों का सामना करने में रोगजनक जीनोमिक्स की महत्पूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। डब्ल्यूएचओ का मानना है कि सार्स कोर्प दो वायरस के बिना तेजी से अनुक्रमण किए टीके इतने प्रभावी नहीं होते और इतनी जल्दी उपलब्ध नहीं हो सकते। चलिए अब जानते हैं डब्ल्यूएचओ के बारे में। स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए सहित राष्ट की विशेष एजेंसी विश्व स्वास्थ्य संगठन की स्थापना वर्ष 1948 में हुई थी। इसका मुख्यालय जिनेवा स्विट्जरलैंड में स्थित है। वर्तमान में 194 देश डब्लूएचओ के सदस्य हैं। 150 देशों में इसके कार्यालय होने के साथ साथ इसके चर्चित लिए कार्यालय हैं। यह एक अंतर सरकारी संगठन है अतः सामान्यतः अपने सदस्य राष्ट्रों के स्वास्थ्य मंत्रालयों के सहयोग से कार्य करता है। डब्ल्यूएचओ ने 7 अप्रैल 1948 में कार्य आरंभ किया। अतः सात अपैल को प्रतिवर्ष विश्व स्वास्थ दिवस मनाया जाता है।
हाल ही में विश्व स्वास्थ्य संगठन डब्ल्यूएचओ ने एक वैश्विक नेटवर्क लॉन्च किया है। यह नेटवर्क कोविड-19 जैसे संक्रामक रोगों के खतरे का तेजी से पता लगाने और उनके प्रसार को रोकने के लिए जानकारी साझा करने में मदद करेगा। इसका नाम इंटरनेशनल पैथोजन सर्विलांस नेटवर्क दिया गया है। यह देशों और क्षेत्रों को जोड़ने नमूनों को इकट्ठा करने और उनका विश्लेषण करने में सिस्टम में सुधार के लिए एक साझा मंच प्रदान करेगा। नेटवर्क का उद्देश्य यह सुनिश्चित करने में मदद करना है कि संक्रामक रोगों के खतरों को कैसे तेजी से पहचाना और ट्रैक किया जाए और सूचनाओं को साझा किया जाए। साथ ही यह नेटवर्क वायरस बैक्टीरिया और अन्य रूप पैदा करने वाले जीवों के आनुवंशिक कोड का विश्लेषण करने के लिए रोग जनित जीनोमिक्स पर निर्भर करेगा ताकि यह समझा जा सके कि वे कितने संक्रामक और घातक हैं और वे कैसे फैलते हैं। गौरतलब है कि एकत्र किया गया डेटा एक व्यापक रोग निगरानी प्रणाली में फीड किया जाएगा। इस डेटा का उपयोग रोगों की पहचान करने और उन पर नजर रखने के लिए किया जाएगा, ताकि उपचार और संबंधित टीके विकसित किए जा सकें। गौरतलब है कि कोविड-19 ने महामारी के खतरों का सामना करने में रोगजनक जीनोमिक्स की महत्पूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। डब्ल्यूएचओ का मानना है कि सार्स कोर्प दो वायरस के बिना तेजी से अनुक्रमण किए टीके इतने प्रभावी नहीं होते और इतनी जल्दी उपलब्ध नहीं हो सकते। चलिए अब जानते हैं डब्ल्यूएचओ के बारे में। स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए सहित राष्ट की विशेष एजेंसी विश्व स्वास्थ्य संगठन की स्थापना वर्ष 1948 में हुई थी। इसका मुख्यालय जिनेवा स्विट्जरलैंड में स्थित है। वर्तमान में 194 देश डब्लूएचओ के सदस्य हैं। 150 देशों में इसके कार्यालय होने के साथ साथ इसके चर्चित लिए कार्यालय हैं। यह एक अंतर सरकारी संगठन है अतः सामान्यतः अपने सदस्य राष्ट्रों के स्वास्थ्य मंत्रालयों के सहयोग से कार्य करता है। डब्ल्यूएचओ ने 7 अप्रैल 1948 में कार्य आरंभ किया। अतः सात अपैल को प्रतिवर्ष विश्व स्वास्थ दिवस मनाया जाता है।

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