रक्षा मंत्रालय ने गणतंत्र दिवस परेड के लिए राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की झांकियों के चयन के लिए एक नई प्रणाली शुरू की है। इसके तहत हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश को 3 साल के भीतर भागीदारी का मौका मिलेगा। बता दें कि परेड के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में हर साल लगभग 15 झांकियां चुनी जाती हैं। इसलिए प्रत्येक वर्ष सभी को समायोजित नहीं किया जा सकता। नई प्रणाली के तहत 3 साल का समझौता ज्ञापन यानी एमओयू प्रस्तावित किया गया है। जिस पर 28 राज्यों ने हस्ताक्षर किए हैं। साल 2024 के गणतंत्र दिवस परेड के लिए 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की झांकियों को चुना गया। वहीं जिन राज्यों को मौका नहीं मिल सका। उन्हें 23 से 31 जनवरी 2024 तक, लाल किले पर भारत पर्व में अपनी झांकी दिखाने के लिए आमंत्रित किया गया है।
झांकियों के चयन की प्रक्रिया
रक्षा मंत्रालय गणतंत्र दिवस परेड की झाकी के लिए चयन प्रक्रिया की देखरेख करता है। प्रारंभ में एक विशेषज्ञ समिति बनाई जाती है। जिसमें कला, संस्कृति, चित्रकला, मूर्ति कला, संगीत, वास्तुकला और कोरियोग्राफी जैसे विविध क्षेत्रों के प्रतिष्ठित व्यक्ति शामिल होते हैं। झांकी का प्रस्ताव प्राप्त होने पर विशेषज्ञ समिति द्वारा आयोजित कई सत्रों में इन प्रस्तुतियों का गहन मूल्यांकन किया जाता है। समिति रेखा चित्रों या डिजाइनों की जांच करती है और संभावित संशोधनों के लिए सुझाव देती है। समिति से डिजाइन को मंजूरी मिलने के बाद प्रतिभागियों से उनके प्रस्तावों की थ्रीडी मॉडल बनाने का अनुरोध किया जाता है। इसके बाद समिति अंतिम चयन के लिए इन थ्रीडी मॉडलों की समीक्षा करती है। साथ ही यह भी सुनिश्चित करती है कि गणतंत्र दिवस परेड के लिए प्रति संगठन केवल एक झाकी चुनी जाए।
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