today current affairs: आज के ताज़ा और मुख्य करंट अफेयर्स

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    1. आदित्य एलव एक वेधशाला श्रेणी का सॉर मिशन है। जो सात उपकरणों के साथ सूर्य का अध्ययन करेगा। इसरो ने अंतरिक्ष में एलव लग्र पॉइंट नामक एक विशेष स्थान चुना है। जो पृथ्वी से सूर्य की दिशा में 1.5 मिलियन किलोमीटर दूर है। यह बिंदु पृथ्वी सूर्य प्रणाली में पांच विशिष्ट स्थानों में से एक है। जहां गुरुत्वाकर्षण बल संतुलित होता है, इसका मतलब यह है कि आदित्य ए1 जैसा अंतरिक्ष यान पृथ्वी या सूर्य के खिंचाव का विरोध करने के लिए लगातार बहुत अधिक ईंधन का उपयोग किए बिना वहां रह सकता है।
    2. स्टैंड अप इंडिया आर्थिक सशक्तिकरण और रोजगार सीजन को केंद्र में रखते हुए जमीनी स्तर पर उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए 5 अप्रैल 2016 को वित्त मंत्रालय द्वारा स्टैंड अप इंडिया योजना शुरू की गई थी। इस योजना के तहत ऋण केवल ग्रीन फील्ड परियोजनाओं के लिए उपलब्ध है। इस योजना में 15 प्र तक की सीमा राशि की परिकल्पना की गई है। जो केंद्रीय या राज्य योजनाओं के साथ अभिसरण में प्रदान की जा सकती है। किसी भी स्थिति में ऋण कर्ता को परियोजना लागत का कम से कम 10% अपने योगदान के रूप में भुगतान करना होगा। इसका एक उद्देश्य अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों की प्रति बैंक शाखा में कम से कम एक अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति उधार कर एवं कम से कम एक महिला उधार कर्ता को 10 लाख से 100 लाख रूपए तक बैंक ऋण की सुविधा प्रदान करना है।
    3. प्रधानमंत्री मुद्रा योजना यानी पीएमएम वाई, सरकार ने इस योजना को वर्ष 2015 में गैर कॉर्पोरेट, गैर कृषि छोटे या सूक्ष्म उद्यमों को 10 लाख तक का ऋण प्रदान करने हेतु लॉन्च किया था। मुद्रा यानी माइक्रो यूनिट्स डेवलपमेंट एंड रिफाइनेंस एजेंसी लिमिटेड सरकार द्वारा स्थापित एक वित्तीय संस्थान है। मुद्रा योजना के अंतर्गत सूक्ष्म उद्यमियों या व्यक्तियों को सीधे ऋण नहीं दिया जाता है। इस योजना के तहत दिया जाने वाला ऋण समपार्श्विक मुक्त ऋण होता है।
    4. न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड यानी एनएसआईएल, यह 6 मार्च 2019 को कंपनी अधिनियम 2013 के तहत निगमित अंतरिक्ष विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत भारत सरकार की पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी है। इसकी प्राथमिक जिम्मेदारी भारतीय उद्योगों को उच्च प्रौद्योगिकी अंतरिक्ष संबंधी गतिविधियों को करने में सक्षम बनाना है और यह भारतीय अंतरिक्ष से संबंधित अनुसंधान कार्यक्रमों तथा सेवाओं के प्रचार एवं वाणिज्यिक दोहन के लिए भी जिम्मेदार है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी इसरो की वाणिज्यिक शाखा न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड यानी एनएसआईएल वर्ष 2024 में स्पेस एक्स के फाल्कन नौ के माध्यम से जी सेट 20 या जी सेट n2 लच करने के लिए तैयार है। फाल्कन9 दुनिया का पहला कक्षीय श्रेणी का पुनः प्रयोज्य दो चरण वाला रॉकेट है। जिसे पृथ्वी की कक्षा तथा उसके आगे लोगो एवं पेलोड के विश्वसनीय और सुरक्षित परिवहन के लिए स्पेस एक्स द्वारा डिजाइन एवं निर्मित किया गया है।
    5. गुरुत्वीय तरंगे यह तरंगे बड़े पैमाने पर खगोलीय पिंडों जैसे कि ब्लैक होल या न्यूट्रॉन स्टार्स के संचलन से उत्पन्न होती हैं और अंतरिक्ष समय के माध्यम से बाहर की ओर फैलती हैं। उदाहरण के लिए जब एक तालाब में कंकड़ गिराया जाता है। तो परिणामी लहरें गुरुत्वीय तरंगों के समान होती हैं। लेकिन जल के बदले हुए ब्रह्मांड की मूलभूत संरचना के माध्यम से प्रसारित होती हैं। 1916 में अल्बर्ट आइंस्टीन ने सामान्य सापेक्षता के अपने सिद्धांत के अंदर गुरुत्व तरंगों की उपस्थिति की भविष्यवाणी की थी। गुरुत्वीय तरंग अनुसंधान जैसा कि लेजर इंटर फेरोमीन ग्रेविटेशनल वेव ऑब्जर्वेटरी यानी एआईजीओ का उपयोग कर पहली बार पता लगाने के लिए दिए गए 2017 के नोबेल पुरस्कार से प्रमाणित है। वैज्ञानिक सफलताओं के लिए अपार संभावनाएं रखता है। हाल ही में भारत ने महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में एलआईजीओ के तीसरे नोड के निर्माण को हरी झंडी दी।
    6. राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन अधिनियम, एफआरबीएम अधिनियम संसद का एक अधिनियम है। इसे वर्ष 2003 में सरकारी व्यय में वित्तीय विनिमय पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लागू किया गया था। इस अधिनियम के तहत सरकार को एक निश्चित अवधि में अपने राजकोषीय घाटे को एक निर्दिष्ट लक्ष्य तक कम करने की आवश्यकता होती है। सत्र 2025 से 26 तक राजकोषीय घाटे को 4.5% से नीचे लाया जाएगा। मध्यम अवधि व्यय फ्रेमवर्क यानी एमटीइफ विवरण आधारभूत मान्यताओं और जोखिमों के विनिर्देशों के साथ-साथ व्यय संकेत कों के लिए तीन वर्ष का आवर्ती लक्ष्य निर्धारित करता है।
    7. रंगराजन समिति की स्थापना योजना आयोग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के लिए गरीबी रेखा के लिए 22 रूपए प्रतिदिन निर्धारित किए जाने पर राष्ट्रीय आक्रोश की पृष्ठभूमि में की गई थी। मुदलियार आयोग की स्थापना भारत में माध्यमिक शिक्षा की स्थिति की जांच करने के लिए की गई थी इसका प्राथमिक उद्देश्य माध्यमिक शिक्षा प्रणाली के अंदर स्थितियों का आकलन करना और इसकी वृद्धि के लिए सिफारिशें प्रस्ता स्वित करना था। तेंदुलकर समिति जिसे आधिकारिक तौर पर गरीबी मापने की पद्धति की समीक्षा करने वाले विशेषज्ञ समूह के रूप में जाना जाता है का गठन 2009 में प्रसिद्ध अर्थशास्त्री प्रोफेसर सुरेश तेंदुलकर की अध्यक्षता में भारत के योजना आयोग द्वारा किया गया था। इस समिति को भारत में गरीबी मापने की मौजूदा पद्धति की समीक्षा करने और उचित संशोधनों की सिफारिश करने का काम सौंपा गया था।
    8. होर्मुज जल डमरू मध्य फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच स्थित एक संकीर्ण जल मार्ग है। यह दुनिया के सबसे महत्त्वपूर्ण समुद्री मार्ग में से एक है। जहां से प्रतिदिन 21 मिलियन बैरल से अधिक तेल का परिवहन होता है। यह जल डमरू मध्य एक रणनीतिक अवरोध बिंदु है और इस क्षेत्र के देशों के बीच कई संघर्षों तथा तनाव का स्थल रहा है। लाल सागर अफ्रीका और एशिया के बीच स्थित जल राशि अपनी उच्च लवणता के लिए प्रसिद्ध हिंद महासागर का यह प्रवेश द्वार मिस्र सऊदी अरब यमन सूडान इरिट्रिया और जिबूती जैसे देशों से घिरा हुआ है। दक्षिण में यह बाब अल मांडव जलडमरूमध्य और अदन की खाड़ी के माध्यम से हिंद महासागर से जुड़ता है। उत्तरी क्षेत्र की उल्लेखनीय विशेषताओं में सिनाई प्रायद्वीप अकाबा की खाड़ी और स्वेज की खाड़ी शामिल है। जो स्वेज नहर तक जाती है। यह जलमार्ग ग्रेट रिफ्ट वैली विशेष रूप से एफ्रो अरेबियन रिफ्ट वैली का भी एक हिस्सा है।

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