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शुक्रवार, 28 मार्च 2025

जालंधर में गर्मी की मार: डिप्टी कमिश्नर की स्वास्थ्य एडवाइजरी

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जालंधर: डिप्टी कमिश्नर डा. हिमांशु अग्रवाल ने बढ़ती गर्मी को देखते हुए मौसम विभाग द्वारा जारी मौसम बुलेटिन के संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि अत्यधिक गर्मी मानव स्वास्थ्य के लिए घातक साबित हो सकती है। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के दौरान जिलावासियों को दोपहर में बाहर निकलने से परहेज करना चाहिए।
डॉ. अग्रवाल ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी एडवाइजरी के अनुसार नवजात शिशुओं, छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं, 65 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों, श्रमिकों, मोटापे से पीड़ित लोगों, मानसिक रूप से बीमार लोगों, हृदय रोग से पीड़ित रोगियों आदि को हर समय उच्च तापमान से बचना चाहिए।
उन्होंने कहा कि बाहर काम करते समय पूरे शरीर को ढकने वाले हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने चाहिए,सिर को सीधे धूप से ढकने के लिए छाता, टोपी, तौलिया, पगड़ी या दुपट्टे का उपयोग करना चाहिए और नंगे पैर धूप में नहीं जाना चाहिए। जो लोग धूप में काम करते हैं उन्हें थोड़ी-थोड़ी देर बाद छाया में आराम करना चाहिए या शरीर का तापमान 37 डिग्री बनाए रखने के लिए सिर पर गीला तौलिया या कपड़ा रखना चाहिए, धूप में बाहर जाते समय हमेशा अपने साथ पानी लेकर जाएं। उन्होंने कहा कि तरबूज, खरबूज, अंगूर, ककड़ी, टमाटर, घीया और तोरी जैसे मौसमी फल और सब्जियों का अधिक उपयोग करना चाहिए क्योंकि इनमें पानी अधिक होता है। उन्होंने कहा कि ऐसे मौसम में ओआरएस, नींबू पानी, लस्सी, नारियल पानी और अन्य तरल पदार्थों का सेवन अधिक से अधिक करना चाहिए।
डिप्टी कमिश्नर ने कहा, गर्मी के चरम घंटों के दौरान खाना पकाने से बचें, रसोई क्षेत्र को अच्छी तरह हवादार बनाने के लिए दरवाजे और खिड़कियां खुली रखें। सिगरेट, तम्बाकू, बीड़ी और शराब का सेवन न करें। चाय, कॉफी का प्रयोग कम से कम करना चाहिए, तला-भुना और बाहर का खाना खाने से बचना चाहिए। बच्चों या पालतू जानवरों को बंद वाहनों में न छोड़ें। डिप्टी कमिश्नर ने अपील करते हुए कहा कि सावधानी बरतकर ही जिलावासी लू से अपना बचाव कर सकते है।

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