भारत के सरकारी हेल्थकेयर में बड़ा बदलाव: GIMS ग्रेटर नोएडा में शुरू हुआ देश का पहला सरकारी AI क्लिनिक

Government Institute of Medical Sciences


भारत के सरकारी स्वास्थ्य तंत्र में एक ऐतिहासिक और तकनीक आधारित बदलाव देखने को मिला है। मरीजों को बेहतर, तेज और सटीक इलाज उपलब्ध कराने की दिशा में देश का पहला सरकारी अस्पताल आधारित AI क्लिनिक शुरू किया गया है। यह अत्याधुनिक क्लिनिक Government Institute of Medical Sciences (GIMS), ग्रेटर नोएडा में स्थापित किया गया है।

इस पहल को उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश के सरकारी हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। AI क्लिनिक का उद्देश्य सरकारी अस्पतालों में इलाज को अधिक प्रभावी, टेक्नोलॉजी-ड्रिवन और डेटा आधारित बनाना है।


GIMS Centre for Medical Innovation के तहत स्थापित हुआ AI क्लिनिक

यह AI क्लिनिक GIMS Centre for Medical Innovation के अंतर्गत विकसित किया गया है, जहां डॉक्टरों और मरीजों को सीधे AI आधारित हेल्थकेयर सॉल्यूशन्स का लाभ मिलेगा। इसके जरिए मेडिकल डायग्नोसिस, क्लिनिकल डिसीजन सपोर्ट और मरीजों की निगरानी को पहले से कहीं ज्यादा सटीक और तेज बनाया जाएगा।

इस पहल का एक प्रमुख उद्देश्य हेल्थकेयर स्टार्टअप्स को वास्तविक क्लिनिकल माहौल में अपने AI टूल्स को विकसित, परीक्षण और प्रमाणित करने का अवसर देना है, ताकि इनोवेशन सीधे अस्पतालों और मरीजों तक पहुंच सके।


देश-विदेश के 100 से अधिक विशेषज्ञ हुए शामिल

AI क्लिनिक के ऑनलाइन उद्घाटन समारोह में भारत सहित कई देशों से 100 से ज्यादा हेल्थकेयर एक्सपर्ट्स ने हिस्सा लिया। इस दौरान डॉक्टरों, रिसर्चर्स, पॉलिसी मेकर्स और शिक्षाविदों की भागीदारी देखने को मिली। इसके अलावा लंदन के London Essex NHS Trust से जुड़े डॉक्टर भी कार्यक्रम में शामिल रहे।


IIT और टेक्नोलॉजी संस्थानों का मिलेगा सहयोग

GIMS AI क्लिनिक को देश के प्रमुख तकनीकी संस्थानों जैसे IIT कानपुर, IIT मद्रास और IIIT लखनऊ का सहयोग प्राप्त है। यहां मेडिकल इमेजिंग, क्लिनिकल डिसीजन सपोर्ट सिस्टम और डेटा-ड्रिवन हेल्थकेयर सर्विसेज पर विशेष रूप से काम किया जाएगा। इस क्लिनिक का फिजिकल लॉन्च 6 जनवरी को किया जाएगा।


समय की जरूरत है AI आधारित हेल्थकेयर: GIMS निदेशक

GIMS के निदेशक और वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ ब्रिगेडियर राकेश कुमार गुप्ता ने इस पहल को समय की आवश्यकता बताया। उन्होंने कहा कि यह AI क्लिनिक न सिर्फ हेल्थकेयर स्टार्टअप्स को नए अवसर प्रदान करेगा, बल्कि डॉक्टरों को आधुनिक तकनीकी टूल्स के माध्यम से बेहतर और सटीक क्लिनिकल निर्णय लेने में भी मदद करेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में AI आधारित हेल्थकेयर सरकारी अस्पतालों में इलाज की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में अहम भूमिका निभाएगा।