चंडीगढ़, 9 जनवरी: पंजाब में भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी सख्त अभियान के तहत पंजाब विजीलैंस ब्यूरो को एक बड़ी
सफलता हाथ लगी है। जिला कपूरथला के थाना सिटी फगवाड़ा में तैनात सहायक सब-इंस्पेक्टर (ASI) सरबजीत सिंह को 5,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों
गिरफ्तार किया गया।
विजीलैंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि यह कार्रवाई गांव ईसरवाल, जिला जालंधर के एक निवासी द्वारा दर्ज करवाई गई
शिकायत के आधार पर की गई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि उसके माता-पिता को एक
मामले में राहत दिलाने के बदले पुलिस अधिकारी लगातार रिश्वत की मांग कर रहा था।
जमानत के नाम पर रिश्वत, जेल भेजने की धमकी
शिकायतकर्ता के माता-पिता के खिलाफ थाना सिटी फगवाड़ा में एक केस दर्ज था।
जांच के दौरान आरोपी ASI ने शिकायतकर्ता को अदालती परिसर फगवाड़ा बुलाया, जहां उसने खुलेआम रिश्वत की मांग की। आरोपी ने धमकी दी कि अगर पैसे नहीं दिए
गए तो उसके माता-पिता को जेल भेज दिया जाएगा।
डर और दबाव में आकर शिकायतकर्ता ने मौके पर ही 2,000 रुपये दे दिए।
कई किस्तों में ली गई रिश्वत
इसके बाद आरोपी अधिकारी ने माता-पिता को जमानत दिलाने के लिए 10,000 रुपये की और मांग की। पूरी रकम न दे पाने पर आरोपी ने अलग-अलग मौकों पर रिश्वत ली।
- थाना सिटी फगवाड़ा में 2,000 रुपये
- रावलपिंडी पुलिस स्टेशन के पास 2,000 रुपये
- इस तरह कुल 6,000 रुपये पहले ही वसूल किए जा चुके थे
हैरानी की बात यह रही कि नियमित जमानत
मिलने के बाद भी आरोपी रिश्वत की बाकी रकम मांगता
रहा।
विजीलैंस का जाल, 5,000 रुपये लेते पकड़ा गया ASI
शिकायत की प्रारंभिक जांच के बाद विजीलैंस ब्यूरो
जालंधर की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप लगाया। दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में
आरोपी ASI को शिकायतकर्ता से 5,000 रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया गया।
भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत
केस दर्ज
आरोपी के खिलाफ विजीलैंस ब्यूरो थाना जालंधर में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला
दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल मामले की गहन जांच जारी है और आगे और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
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