थोड़ा सा समय निकाल कर पढ़िएगा जरूर........ मैं एक घर के करीब से गुज़र रहा था की अचानक से मुझे उस घर के अंदर से एक बच्चे की रोने की आवाज़ आई। उस बच्चे की आवाज़ में इतना दर्द था कि अंदर जा कर वह बच्चा क्यों रो रहा है, यह मालूम करने स…
Read more »"रेनू की शादी हुयें, पाँच साल हो गयें थें, उसके पति थोड़ा कम बोलतें थे पर बड़े सुशील और संस्कारी थें, माता_पिता जैंसे सास, ससुर और एक छोटी सी नंनद, और एक नन्ही सी परी, भरा पूरा परिवार था, दिन खुशी से बित रहा था, …
Read more »।। महाभारत के युद्ध में भोजन प्रबंधन ।। महाभारत को हम सही मायने में विश्व का प्रथम विश्वयुद्ध कह सकते हैं क्योंकि शायद ही कोई ऐसा राज्य था जिसने इस युद्ध में भाग नहीं लिया। . आर्यावर्त के समस्त राजा या तो कौरव अथवा प…
Read more »कलयुग में अगर आप सुखी रहना चाहते हैं तो आपको हनुमान की पूजा जरूर करनी होगी। आप किसी को भी अपना प्रिय देवता मानते रहें लेकिन अगर आप हनुमान की पूजा नहीं करते हैं तो आपको दुःख और परेशानियाँ घेरती रहेंगी। अब आप ऐसा मत सोचिये कि …
Read more »मणिकर्ण —यूं ताे मनाली घूमने-फिरने वालों की पसंदीदा जगह है। वहां की वादियां, नजारे किसी काे भी मोह लेते हैं। लेकिन मनाली में एक धार्मिक जगह ऐसी है, जहां बर्फीली ठण्ड में भी पानी उबलता रहता है। मान्यता है कि शेषनाग के गुस्से …
Read more »हनुमान श्रीरामजी के सेवक थे या माता सीताजी के? एक दिन की बात है कि श्रीरामचंद्रजी और सीताजी बैठे हुये थे और आपस में बाते हो रही थें, हनुमानजी की चर्चा छिड़ी तो श्रीरामजी ने कहा- हनुमान मेरा बड़ा भक्त है, सीताजी बोली- अरे वाह!…
Read more »हनुमान श्रीरामजी के सेवक थे या माता सीताजी के? एक दिन की बात है कि श्रीरामचंद्रजी और सीताजी बैठे हुये थे और आपस में बाते हो रही थें, हनुमानजी की चर्चा छिड़ी तो श्रीरामजी ने कहा- हनुमान मेरा बड़ा भक्त है, सीताजी बोली- अरे वाह!…
Read more »संस्कृत के बारे में ये 20 तथ्य जान कर आपको भारतीय होने पर गर्व होगा। आज हम आपको संस्कृत के बारे में कुछ ऐसे तथ्य बता रहे हैं,जो किसी भी भारतीय का सर गर्व से ऊंचा कर देंगे;; .1. संस्कृत को सभी भाषाओं की जननी माना जाता है…
Read more »👏एक हिन्दू को इन👇 जैसी बातों की जानकारी, जबानी रखनी चाहिए : "श्री मद्-भगवत गीता"के बारे में- ॐ . किसको किसने सुनाई? उ.- श्रीकृष्ण ने अर्जुन को सुनाई। ॐ . कब सुनाई? उ.- आज से लगभग 7 हज़ार साल पहले सुनाई।…
Read more »बात बहुत पुरानी है। आठ-दस साल पहले की है । मैं अपने एक मित्र का पासपोर्ट बनवाने के लिए दिल्ली के पासपोर्ट ऑफिस गया था। उन दिनों इंटरनेट पर फार्म भरने की सुविधा नहीं थी। पासपोर्ट दफ्तर में दलालों का बोलबाला था और खुलेआम दलाल…
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