शहरी भारतीयों की सबसे बड़ी चिंता बेरोजगारी, 69 फीसदी मानते हैं देश सही रास्ते पर: अधिक जानकारी को पूरी खबर पढ़े


  • रिसर्च कंपनी इप्सोस के 'व्हाट वरीज द वर्ल्ड' सर्वे में सामने आई जानकारी
  • 61 प्रतिशत वैश्विक नागरिकों ने माना- उनका देश गलत दिशा में जा रहा है
  • दुनिया में निराशावाद के विपरीत भारत में नीतियों को लेकर लोग आशावादी
  • कम से कम 46 प्रतिशत शहरी भारतीय बेरोजगारी को लेकर काफी परेशान

देश के करीब आधे शहरी भारतीय खासकर युवा बेरोजगारी को लेकर सबसे अधिक चिंतित हैं। हालांकि 39 फीसदी नागरिकों का मानना है कि देश सही दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसका खुलासा रिसर्च कंपनी इप्सोस के एक सर्वे से हुआ है।
इप्सोस के ‘व्हॉट वरीज द वर्ल्ड’ विषय पर किए सर्वे के अनुसार, वित्तीय और राजनीतिक भ्रष्टाचार, अपराध और हिंसा, गरीबी और सामाजिक असमानता तथा जलवायु परिवर्तन अन्य मुद्दे हैं जो देशवासियों को परेशान करते हैं। 
सर्वे के अनुसार, दुनिया में निराशावाद के विपरीत भारत में नीतियों को लेकर लोग आशावादी हैं। 39 फीसदी शहरी भारतीय मानते हैं कि देश सही रास्ते पर है, जबकि 61 फीसदी वैश्विक नागरिकों का मानना है कि उनका देश गलत दिशा में जा रहा है। 
इस सर्वे में कहा गया है कि सर्वे में शामिल कम से कम 46 प्रतिशत शहरी भारतीय बेरोजगारी को लेकर काफी परेशान हैं। अक्तूबर के मुकाबले नवम्बर में इसमें तीन फीसदी की और वृद्धि हुई है। यह सर्वे इसी दौरान किया गया।

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