पंजाब विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह घिरे विपक्ष और अपने विधायकों के सवालों में


कांग्रेस विधायक नवजोत सिंह सिद्धू पहले ही बरगड़ी बेअदबी मामले सहित कई अन्य मुद्दों पर कार्रवाई नहीं करने पर कैप्टन अमरिंदर सिंह से पूछताछ कर चुके हैं। सिद्धू के बाद अब कांग्रेस के कई मंत्री और विधायक भी कैप्टन के खिलाफ आवाज उठाने लगे हैं। कांग्रेस की पंजाब इकाई में अंदरूनी कलह का मामला दिल्ली दरबार तक पहुंच गया है और आलाकमान ने इस विवाद को खत्म करने के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। राहुल गांधी खुद भी विधायकों और सांसदों की राय ले रहे हैं। धर्मग्रंथों की बेअदबी मामले में कार्रवाई नहीं करने के मुद्दे के बाद अब कैप्टन अमरिंदर सिंह अपनी ही पार्टी के दो विधायकों के बेटों को नौकरी देने के ताजा फैसले को लेकर चर्चा में हैं।कैप्टन के इस फैसले से पंजाब में नया राजनीतिक बवाल मच गया है।

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