चंडीगढ़ के लोग अब अपने वाहनों पर 'भारत सीरीज' की नंबर प्लेट लगा सकेंगे। यूटी प्रशासन के पंजीकरण और लाइसेंसिंग प्राधिकरण ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। बता दें कि इस नंबर प्लेट को भारत सरकार के मंत्रालय ने दूसरे राज्यों में लोगों के आने-जाने में होने वाली परेशानी को देखते हुए लागू किया है। इस प्लेट से लोगों को अपने वाहन के लिए दूसरे राज्य में नए नंबर के लिए आवेदन नहीं करना पड़ेगा। केंद्र सरकार के कर्मचारियों के वाहन लगातार एक राज्य से दूसरे राज्य में स्थानांतरित किए जा रहे हैं। इससे आपको दूसरे राज्य में जाने पर वाहन की नंबर प्लेट बदलने की एनओसी से भी राहत मिलेगी और नंबर बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी। बड़ी कंपनियों के कई कर्मचारियों और अधिकारियों को भी दूसरे राज्यों में पंजीकरण कराने में दिक्कत होती है। सूत्रों के मुताबिक, आरएलए को अब तक नंबर के लिए आवेदन मिला है, लेकिन इस पर आपत्ति है। निजी कंपनियों में काम करने वालों के लिए अगर नंबर प्लेट लगानी है तो बाकी दस्तावेजों के साथ कंपनी से सर्टिफिकेट लेना होगा और दस्तावेजों की जांच आरएलए को करनी होगी। इंडिया सीरीज के इस नंबर पर 'BH' लिखा होगा, जो किसी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के नाम पर नहीं होगा। वाहन पंजीकरण के वर्ष पर नंबर प्लेट लगाई जाएगी, जिसके बाद BH लिखा जाएगा। फिर नंबर और अंत में कैपिटल लेटर।
केंद्र सरकार ने इस सीरीज के लिए टैक्स की दर 2 साल तय की है। 10 लाख रुपये के वाहन के लिए 8 प्रतिशत और 10-20 लाख रुपये के वाहन के लिए 10 प्रतिशत और रुपये से ऊपर के वाहनों के लिए 12 प्रतिशत कर लगेगा। डीजल वाहनों पर 2 फीसदी अधिक टैक्स लगेगा।
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