भारतीय तटरक्षक बल के एयर एन्क्लेव ने भुवनेश्वर में 15वां एडवांस लाइट हेलीकॉप्टर ALH MK-III शामिल किया है। कितना उपयोगी है यह हेलीकॉप्टर, आप इसी बात से जानेंगे कि इसकी डिमांड कितनी है। भारतीय नौसेना ने 11 और भारतीय सेना ने 73 ALH Mk-III का ऑर्डर दिया है। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने 1992 में इस हेलीकॉप्टर को बनाना शुरू किया था। अब तक 335 हेलीकॉप्टर बन चुके हैं। इस हेलीकॉप्टर के प्लेटफॉर्म पर लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर प्रचंड (LCH प्रचंड), रुद्र (HAL रुद्र) और लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर (LUH) विकसित किए गए हैं। भारतीय वायु सेना के पास 107, भारतीय सेना के पास 191 और नौसेना के पास 14 हेलीकॉप्टर हैं। 52.1 फीट लंबे इस हेलीकॉप्टर को दो लोग एक साथ उड़ाते हैं। इसकी ऊंचाई 16.4 फीट है और इसमें एक बार में 12 जवान या लोग बैठ सकते हैं।
भारत में बने इस हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल इजराइल, मालदीव, मॉरीशस, नेपाल, इक्वाडोर, तुर्की, पेरू जैसे देश भी कर रहे हैं। दरअसल इस हेलीकॉप्टर का नाम एचएएल ध्रुव रखा गया है। ALH MK-III हेलीकॉप्टर कुछ मामलों में सामान्य ध्रुव हेलिकॉप्टर से अलग है। क्योंकि इसे खास तौर पर कोस्ट गार्ड के लिए बनाया गया है। इसमें केबिन में मशीन गन लगाई गई है। एक चमकदार रोशनी वाला सर्च लाइट लगाया गया है। इसके अलावा यह 12.7 मिमी की भारी मशीन गन से भरी हुई है। ALH MK-III की टॉप स्पीड 291 kmph है। यह एक बार में 630 किमी की उड़ान भर सकता है। 20 हजार फीट की अधिकतम ऊंचाई तक जाता है। इसके दो वेरिएंट सशस्त्र हैं। पहला एलसीएच प्रचंड और दूसरा एचएएल रुद्र। रुद्र हेलीकॉप्टरों की भी काफी मांग है। वायुसेना के पास 16 और सेना के पास 75 रुद्र हेलीकॉप्टर हैं। इसकी अधिकतम गति 280 किमी/घंटा और रेंज 590 किमी/घंटा है।
यह एचएएल रुद्र हेलीकॉप्टर है जो एएलएच एमके-III के समान प्लेटफॉर्म पर बनाया गया है। ALH MK-III से बने रुद्र हेलीकॉप्टर में 20 मिमी M621 तोप, 2 मिस्ट्रल रॉकेट, 4 FZ275 LGR मिसाइल, 4 ध्रुवस्त्र मिसाइल तैनात की जा सकती हैं। इस हेलीकॉप्टर से ध्रुवास्त्र मिसाइल का परीक्षण पूरा कर लिया गया है। जल्द ही इस मिसाइल को तैनात किया जाएगा।
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