गोवा के समुद्र में मिग-29के के दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर है। जानकारी के मुताबिक नियमित उड़ान के दौरान मिग-29के में तकनीकी खराबी के संकेत मिले थे। जिसके बाद पायलट ने प्लेन से कूद कर अपनी जान बचा ली, पायलट की हालत स्थिर बताई जा रही है। वहीं, घटना के कारणों की जांच के लिए बोर्ड ऑफ इंक्वायरी (बीओआई) को आदेश दिया गया है। आपको बता दें कि मिग-29के में रूस द्वारा निर्मित K-36D-3.5 इजेक्शन सीट है, जिसे दुनिया भर में काफी बेहतर भी माना जाता है। इसमें, जब इजेक्शन हैंडल खींचा जाता है, तो पीछे की सीट के पायलट को पहले बाहर निकाला जाता है, उसके बाद सामने वाले पायलट को।
गोवा के समुद्र में मिग-29के के दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर है। जानकारी के मुताबिक नियमित उड़ान के दौरान मिग-29के में तकनीकी खराबी के संकेत मिले थे। जिसके बाद पायलट ने प्लेन से कूद कर अपनी जान बचा ली, पायलट की हालत स्थिर बताई जा रही है। वहीं, घटना के कारणों की जांच के लिए बोर्ड ऑफ इंक्वायरी (बीओआई) को आदेश दिया गया है। आपको बता दें कि मिग-29के में रूस द्वारा निर्मित K-36D-3.5 इजेक्शन सीट है, जिसे दुनिया भर में काफी बेहतर भी माना जाता है। इसमें, जब इजेक्शन हैंडल खींचा जाता है, तो पीछे की सीट के पायलट को पहले बाहर निकाला जाता है, उसके बाद सामने वाले पायलट को।
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