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बुधवार, 25 जून 2025

जालंधर में सड़क सुरक्षा पर बड़ा कदम: ब्लैक स्पॉट्स की पहचान और सुधार के निर्देश

Black Spots


जालंधर, 25 जून: सड़क सुरक्षा को लेकर जालंधर जिला प्रशासन ने एक अहम पहल शुरू की है। डिप्टी कमिश्नर डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने पुलिस विभाग को आदेश दिए हैं कि ब्लैक स्पॉट्स (Black Spots) की पहचान की जाए, यानी वो स्थान जहां बार-बार सड़क हादसे होते हैं। इस पहल का उद्देश्य है सड़क दुर्घटनाओं को रोकना, कीमती जानें बचाना और यातायात को सुरक्षित बनाना

 

ब्लैक स्पॉट्स की पहचान से बढ़ेगी सड़क सुरक्षा

डॉ. अग्रवाल ने जिला सड़क सुरक्षा समिति की मासिक बैठक में यह स्पष्ट किया कि जिन स्थानों पर बार-बार सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, उन्हें चिन्हित कर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि उन क्षेत्रों में इंजीनियरिंग सुधार, जैसे रोड डिजाइन, संकेतक और स्ट्रीट लाइट्स की व्यवस्था, तुरंत की जानी चाहिए।

 

🔧 संरचनात्मक सुधार और संयुक्त निरीक्षण के निर्देश

डिप्टी कमिश्नर ने लोक निर्माण विभाग (PWD) और ट्रांसपोर्ट विभाग को निर्देश दिए कि वे पुलिस विभाग से मिली सूची के अनुसार संयुक्त निरीक्षण करें। इसके बाद जो भी संरचनात्मक खामियां पाई जाएं, उनके लिए जरूरी कदम उठाए जाएं।

 

📊 दुर्घटनाओं का विश्लेषण और इंजीनियरिंग त्रुटियों पर सख्त कार्रवाई

डॉ. अग्रवाल ने ज़ोर देकर कहा कि जिन दुर्घटनाओं की वजह इंजीनियरिंग की गलती है, वहां जिम्मेदार विभागों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि दुर्घटनाओं की रूट कॉज एनालिसिस (Real Cause Analysis) जरूरी है, ताकि स्थायी समाधान मिल सके।

 

🚔 खतरनाक कट और ट्रैफिक जाम वाले स्थानों पर विशेष नजर

राजमार्गों और व्यस्त सड़कों पर अवैध कट बनाकर ट्रैफिक को बाधित करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा, डिप्टी कमिश्नर ने जिले भर में उन स्थानों की सूची भी मांगी, जहां अक्सर वाहन फंसते हैं या जाम की स्थिति बनती है।

 

🚦 किशनगढ़ चौक पर ट्रैफिक लाइट की सिफारिश

एक अहम निर्देश में डॉ. अग्रवाल ने किशनगढ़ चौक पर ट्रैफिक लाइट लगाने का प्रस्ताव तैयार करने को कहा, जिससे ट्रैफिक को सुचारू रूप से चलाया जा सके।

 

🏫 स्कूल वाहन नीति, पार्किंग और नशे में ड्राइविंग पर नजर

बैठक में यह भी समीक्षा की गई कि:

·         स्कूल वाहनों की सुरक्षा नीति कैसे लागू हो रही है,

·         भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में पार्किंग की क्या स्थिति है,

·         और नशे में ड्राइविंग करने वालों के खिलाफ चालान की प्रक्रिया कितनी प्रभावी है।

 

🤝 प्रशासन की प्रतिबद्धता: सुरक्षित सड़कें, सुरक्षित जीवन

डॉ. अग्रवाल ने कहा कि जिला प्रशासन सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों से बेहतर तालमेल के साथ काम करने की अपील की, ताकि हर नागरिक की यात्रा सुरक्षित और सुगम बन सके।

 

📌 उपस्थित अधिकारी

बैठक में RTO अमनपाल सिंह, SDM विवेक मोदी, शुभी आंगरा और पुलिस तथा NHAI के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल थे।

 

जालंधर प्रशासन की यह पहल सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने की दिशा में एक ठोस कदम है। अगर ब्लैक स्पॉट्स की पहचान और सुधार समय रहते किया गया, तो आने वाले समय में हजारों जानें बचाई जा सकती हैं

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