जालंधर में नशीली दवाओं पर कड़ा एक्शन: जिला प्रशासन ने लगाई सख्त पाबंदी


जालंधर, 4 जून: जालंधर जिला प्रशासन ने नशीली और दुरुपयोग होने वाली दवाओं की बेतरतीब बिक्री पर सख्ती दिखाते हुए बड़ा फैसला लिया है। जिला मैजिस्ट्रेट डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत जिले की सीमाओं में आने वाले क्षेत्रों में कुछ खास दवाओं की अनधिकृत बिक्री और वितरण पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।

इन दवाओं की बिक्री पर रोक:

·         प्रीगैबलिन कैप्सूल (Pregabalin Capsules)

·         गैबापेंटिन कैप्सूल (Gabapentin Capsules)

·         एनाफोर्टन इंजेक्शन (Anafortan Injection)

अब इन दवाओं को:

·         बिना लाइसेंस

·         अनुमत मात्रा से अधिक

·         बिना बिल और रिकॉर्ड

·         डॉक्टर के पर्चे के बिना
बेचना या रखना कानूनन अपराध माना जाएगा।

 

📅 यह आदेश कब तक लागू रहेगा?

यह अत्यंत महत्वपूर्ण आदेश 4 जून 2025 से आगामी दो महीनों तक प्रभावी रहेगा। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

 

🎯 इस कदम का उद्देश्य क्या है?

जिला प्रशासन का यह निर्णय युवाओं को नशीली दवाओं की लत से बचाने, ग़ैरकानूनी फार्मेसी प्रैक्टिस पर रोक लगाने और जनस्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए उठाया गया एक अहम कदम है।

 

🩺 क्यों हैं ये दवाएं खतरनाक?

इन दवाओं का उपयोग अक्सर नशे के तौर पर किया जाता है और ये मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकती हैं। बिना मेडिकल निगरानी के इनका सेवन जानलेवा हो सकता है।

 

🙌 प्रशासन की अपील

जिला प्रशासन ने सभी केमिस्ट्स और मेडिकल स्टोर संचालकों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के बिना इन दवाओं की बिक्री न करें। साथ ही आम जनता से भी आग्रह है कि अगर उन्हें किसी तरह की अवैध दवा बिक्री की जानकारी हो, तो प्रशासन को तुरंत सूचित करें।

 

🔒 सुरक्षित जालंधर, स्वस्थ जालंधर

यह कदम 'नशा मुक्त पंजाब' की दिशा में एक और महत्वपूर्ण प्रयास है। प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य केवल नियम लागू करना नहीं, बल्कि जालंधर को एक सुरक्षित और स्वस्थ समाज बनाना है।