Som Pradosh Vrat 2026: चैत्र नवरात्रि में कब है सोम प्रदोष? जानें सही तारीख, मुहूर्त और पूजा विधि

Som Pradosh Vrat


हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित एक बेहद पवित्र व्रत माना जाता है। खासतौर पर जब यह व्रत सोमवार के दिन पड़ता है, तो इसका महत्व कई गुना बढ़ जाता है, जिसे सोम प्रदोष व्रत कहा जाता है। साल 2026 में यह व्रत चैत्र नवरात्रि के आसपास आ रहा है, जिसकी वजह से इसका धार्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है। ऐसे में अगर आप भी इस व्रत को रखने की सोच रहे हैं, तो सही तारीख, मुहूर्त और पूजा विधि जानना बहुत जरूरी है।

 

इस पोस्ट में आप क्या जानेंगे?

इस आर्टिकल में हम आपको आसान भाषा में बताएंगे:

·         सोम प्रदोष व्रत 2026 की सही तारीख

·         पूजा का शुभ मुहूर्त (प्रदोष काल)

·         व्रत और पूजा की पूरी विधि

·         इस व्रत का महत्व और लाभ

·         कुछ आसान उपाय जो जल्दी फल देते हैं

 

सोम प्रदोष व्रत 2026 कब है?

मार्च 2026 में पड़ने वाला सोम प्रदोष व्रत 30 मार्च (सोमवार) को रखा जाएगा। कई लोगों के मन में 30 और 31 मार्च को लेकर भ्रम रहता है, लेकिन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जिस दिन प्रदोष काल में त्रयोदशी तिथि होती है, वही दिन व्रत के लिए मान्य होता है। इस हिसाब से 30 मार्च सही तारीख है।

 

पूजा का शुभ मुहूर्त (प्रदोष काल)

प्रदोष व्रत में पूजा का सबसे महत्वपूर्ण समय शाम का प्रदोष काल होता है।

इस दिन पूजा का शुभ समय लगभग:

·         शाम 6:30 बजे से रात 9:00 बजे तक

यही समय भगवान शिव की पूजा के लिए सबसे शुभ और प्रभावशाली माना जाता है।

 

सोम प्रदोष व्रत की पूजा विधि

अगर आप सही तरीके से व्रत करना चाहते हैं, तो नीचे दी गई विधि अपनाएं:

1.      सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और व्रत का संकल्प लें

2.      दिनभर फलाहार करें या निर्जला व्रत रखें

3.      शाम के समय प्रदोष काल में पूजा करें

4.      शिवलिंग पर जल, दूध, दही और शहद से अभिषेक करें

5.      बेलपत्र, फूल और धतूरा अर्पित करें

6.      ॐ नमः शिवायमंत्र का जाप करें

7.      अंत में भगवान शिव की आरती करें

 

सोम प्रदोष व्रत का महत्व और लाभ

सोम प्रदोष व्रत को बहुत ही फलदायी माना गया है। इसे करने से:

·         मन को शांति मिलती है

·         जीवन में सुख-समृद्धि आती है

·         स्वास्थ्य बेहतर होता है

·         परेशानियां धीरे-धीरे खत्म होती हैं

·         भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है

धार्मिक मान्यता है कि प्रदोष काल में की गई पूजा का फल कई गुना बढ़ जाता है।

 

जल्दी फल पाने के आसान उपाय

अगर आप इस व्रत का अधिक लाभ चाहते हैं, तो ये उपाय जरूर करें:

शिवलिंग पर जल में काला तिल मिलाकर चढ़ाएं
108 बार ॐ नमः शिवायका जाप करें
जरूरतमंद लोगों को सफेद वस्तु (चावल, दूध) दान करें
बेलपत्र पर चंदन लगाकर शिवजी को अर्पित करें

 

इन बातों का रखें ध्यान

व्रत के दौरान कुछ गलतियों से बचना जरूरी है:

·         प्रदोष काल में पूजा करना न भूलें

·         शिवलिंग पर तुलसी न चढ़ाएं

·         व्रत के दिन क्रोध और नकारात्मकता से दूर रहें

·         नियमों का पालन करें

 

निष्कर्ष

सोम प्रदोष व्रत 2026 में 30 मार्च को मनाया जाएगा। यह दिन भगवान शिव की पूजा के लिए बेहद शुभ माना जाता है। अगर आप पूरे श्रद्धा और विधि से व्रत करते हैं, तो जीवन में सकारात्मक बदलाव जरूर देखने को मिलते हैं।