21 ग्रीनफील्ड हवाई अड्डों के लिए “सैद्धांतिक रूप से” दी गई मंज़ूरी
केंद्र सरकार ने हाल ही में पूरे भारत में 21 ग्रीनफील्ड हवाई अड्डों की स्थापना के लिए "सैद्धांतिक" मंजूरी दी है।
जाने: ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा क्या है?
एक ग्रीनफील्ड हवाईअड्डा वह है जो अविकसित भूमि पर बनाया जाता है, जहां अतीत में कोई काम नहीं किया गया हो। यह हवाई अड्डा मौजूदा हवाई अड्डों पर भीड़ को कम करने के लिए बनाया जाता है। आमतौर पर, यह शहर से अधिक दूरी पर बनाया जाता है और इस तरह से बनाया जाता है कि पर्यावरणीय प्रभाव पर विशेष ध्यान दिया जाए।
कौन नियंत्रित करता है?
ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट्स नीति, 2008 भारत में ग्रीनफील्ड हवाई अड्डों के विकास को नियंत्रित करती है। इस नीति के अनुसार, एक राज्य सरकार या एक हवाईअड्डा डेवलपर, जो एक ग्रीनफील्ड हवाईअड्डा स्थापित करने के इच्छुक हैं, उनको केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय को दो चरणों की मंजूरी के लिए प्रस्ताव भेजने की आवश्यकता होती है, यानी साइट-क्लीयरेंस अनुमोदन और सिद्धांत रूप में अनुमोदन। इस नीति द्वारा प्रदान की गई प्रक्रियाओं के आधार पर राज्य सरकार या हवाई अड्डे के विकासकर्ता द्वारा प्रदान किए गए प्रस्तावों पर नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा विचार किया जाता है।
सैद्धांतिक मंजूरी
- केंद्र सरकार ने 21 ग्रीनफील्ड हवाई अड्डों की स्थापना के लिए “सैद्धांतिक रूप से” मंजूरी दी है।
- इन 21 ग्रीनफील्ड हवाईअड्डों में से नौ का परिचालन शुरू हो चुके है।
- कन्नूर
- दुर्गापुर
- शिर्डी
- पकयोंग
- कालाबुरगी
- ओरवाकल(कुरनूल)
- सिंधुदुर्ग
- कुशीनगर,
- डोनी पोलो, ईटानगर
- गुजरात सरकार ने हीरासर(राजकोट) और धोलेरा(अहमदाबाद) में दो ग्रीनफील्ड हवाई अड्डों के विकास के लिए भारत सरकार से सैद्धांतिक मंजूरी प्राप्त की है।
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