केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में यूनियन बजट 2026-27 पेश किया। इस बजट में सरकार ने टैक्स दरों में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया है, लेकिन इनकम टैक्स रिटर्न, TDS-TCS नियम और टैक्स
अनुपालन प्रक्रिया को पहले से ज्यादा सरल बना दिया
है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बजट सैलरी क्लास और
मिडिल क्लास टैक्सपेयर्स को सीधी राहत
देने वाला है। आइए जानते हैं बजट 2026 के वे 10 बड़े फैसले, जो हर व्यक्तिगत करदाता को जानने चाहिए।
1. इनकम टैक्स
स्लैब में कोई बदलाव नहीं
बजट 2026 में पुराने और नए दोनों टैक्स रिजीम के इनकम टैक्स
स्लैब पहले जैसे ही रखे गए हैं। टैक्स दरों और सरचार्ज
में किसी भी तरह की बढ़ोतरी नहीं की गई है।
2. ITR फाइल करने की अंतिम तारीख बढ़ी
सरकार ने इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की समय सीमा में बदलाव किया है।
- ITR-1 और ITR-2 के लिए अंतिम तारीख 31 जुलाई
- बिना ऑडिट वाले व्यवसाय और ट्रस्ट के लिए 31 अगस्त
इस फैसले से टैक्सपेयर्स को रिटर्न फाइल करने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा।
3. ITR संशोधन अब 31 मार्च तक संभव
अगर टैक्सपेयर्स से रिटर्न भरते समय कोई गलती हो जाती है, तो अब वे 31 मार्च तक संशोधित रिटर्न दाखिल कर सकते
हैं। इसके लिए मामूली शुल्क देना होगा।
4. विदेश यात्रा और
पढ़ाई पर TCS में राहत
विदेश यात्रा, शिक्षा और मेडिकल ट्रीटमेंट पर लगने वाला TCS अब फ्लैट 2% कर दिया गया है। इससे विदेश जाने वाले लोगों का कुल खर्च कम होगा।
5. कम और नील TDS सर्टिफिकेट अब आसानी से मिलेगा
सरकार एक नियम-आधारित ऑटोमैटिक सिस्टम लाने जा रही है, जिससे नील या कम TDS सर्टिफिकेट जल्दी और बिना ज्यादा प्रक्रिया के मिल सकेगा।
6. Manpower Services पर TDS नियम स्पष्ट
अब Manpower Services को कांट्रैक्ट पेमेंट के तहत माना
जाएगा, जिस पर 1% या 2% TDS लगेगा। इससे टैक्स को लेकर होने वाले विवादों में कमी आएगी।
7. शेयर निवेशकों
को बड़ी राहत
शेयर और म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए Form 15G और Form 15H अब सीधे डिपॉजिटरी के जरिए जमा होंगे। इससे दस्तावेजी प्रक्रिया आसान होगी।
8. विदेशी संपत्ति
घोषित करने के लिए विशेष योजना
सरकार ने 6 महीने की एक-बार की योजना की घोषणा की है, जिसके तहत विदेशी आय या संपत्ति घोषित करने पर कम जुर्माना और कानूनी राहत मिलेगी।
9. विदेशी निवेशकों
के लिए निवेश सीमा बढ़ी
भारतीय कंपनियों में विदेशी निवेश की सीमा बढ़ाकर 24% कर दी गई है। इससे शेयर बाजार में निवेश बढ़ने की उम्मीद है।
10. विदेशी
विशेषज्ञों को टैक्स छूट
भारत में काम करने आने वाले विदेशी प्रोफेशनल्स को कुछ शर्तों के तहत 5 साल तक विदेश-सोर्स इनकम पर टैक्स छूट दी जाएगी, जिससे भारत ग्लोबल टैलेंट के लिए आकर्षक बनेगा।
विशेषज्ञों की राय
टैक्स विशेषज्ञों के अनुसार बजट 2026 का फोकस टैक्स सिस्टम को सरल बनाना और Compliance को आसान करना है। इससे ईमानदार टैक्सपेयर्स को
राहत मिलेगी और टैक्स फाइलिंग में गलतियां कम होंगी।
निष्कर्ष
यूनियन बजट 2026 ने भले ही टैक्स दरों में बदलाव न किया हो, लेकिन प्रक्रियात्मक सुधारों के जरिए आम
करदाताओं को बड़ी राहत दी है। यह बजट सैलरी क्लास, छोटे निवेशक, NRI और मिडिल क्लास के लिए सकारात्मक साबित हो सकता है।
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