भारत एक विविधताओं से भरा देश है जहाँ अनेक धर्म, जातियाँ, भाषाएँ और संस्कृतियाँ एक साथ रहती हैं। लेकिन समय-समय पर सामाजिक ढाँचे में मौजूद जातिगत भेदभाव ने समाज को बाँटने का काम किया है। इन्हीं सामाजिक अवरोधों को खत्म करने और युवाओं को सामाजिक समानता के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से केंद्र और राज्य सरकारें Inter-Caste Marriage Scheme (अंतरजातीय विवाह योजना) चलाती हैं।
इस योजना के माध्यम से ऐसे दंपतियों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है जिन्होंने अंतरजातीय विवाह किया है, विशेषकर तब जब विवाह में एक साथी SC (अनुसूचित जाति) समुदाय से संबंधित हो। यह न सिर्फ सामाजिक सद्भाव बढ़ाता है बल्कि युवाओं को सम्मानपूर्वक और सुरक्षित जीवन जीने का अवसर भी देता है।
⭐ Inter-Caste Marriage Scheme क्या है? (पूरी परिभाषा)
केंद्र सरकार द्वारा यह सहायता डॉ. अंबेडकर फाउंडेशन के माध्यम से दी जाती है, जो सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करता है।
कई राज्यों में यह राशि केंद्र की राशि से अलग होती है और कुछ राज्य अतिरिक्त राशि भी प्रदान करते हैं।
⭐ Inter-Caste Marriage Scheme का उद्देश्य (Objectives)
इस योजना के प्रमुख उद्देश्य निम्न हैं—
✔ 1. जातिगत भेदभाव को खत्म करना
भारत में जाति व्यवस्था लंबे समय से सामाजिक अवरोध का कारण रही है। यह योजना जातिगत दीवारों को तोड़ने का प्रयास करती है।
✔ 2. सामाजिक सद्भाव और एकता को बढ़ावा देना
विभिन्न समुदायों के बीच विवाह से समाज में एकता और भाईचारे की भावना बढ़ती है।
✔ 3. युवाओं को स्वतंत्र निर्णय लेने के लिए प्रेरित करना
कई युवा सामाजिक दबाव के कारण अपने निर्णय नहीं ले पाते; यह योजना उन्हें सुरक्षा और समर्थन देती है।
✔ 4. अंतरजातीय विवाह को सुरक्षित और सम्मानजनक बनाना
सरकार न केवल आर्थिक सहायता देती है बल्कि सुरक्षा, कानूनी समर्थन और मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराती है।
✔ 5. सामाजिक परिवर्तन को बढ़ावा देना
अंतरजातीय विवाह समाज में समानता और आधुनिक सोच का प्रतीक है, जिसे यह योजना प्रोत्साहित करती है।
⭐ Inter-Caste Marriage Scheme के लाभ (Benefits)
सरकार द्वारा दी जाने वाली सहायता राशि और लाभ इस प्रकार हैं—
⚡ 1. ₹2.50 लाख तक की सरकारी सहायता राशि
· केंद्र सरकार द्वारा: ₹2.5 लाख तक
· कुछ राज्यों में: ₹50,000 – ₹3 लाख तक अतिरिक्त सहायता
यह राशि सीधे दंपति के जॉइंट बैंक अकाउंट में दी जाती है।
⚡ 2. सुरक्षा और कानूनी संरक्षण
अंतरजातीय विवाह करने वाले दंपति कभी-कभी सामाजिक विरोध का सामना करते हैं। सरकार ऐसे दंपतियों को सुरक्षा उपलब्ध कराती है।
⚡ 3. विवाह पंजीकरण प्रक्रिया में सुविधा
कई राज्यों में विवाह पंजीकरण शुल्क में छूट दी जाती है।
⚡ 4. सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा
यह राशि दंपती की नई जिंदगी की शुरुआत के लिए उपयोगी होती है—जैसे घर, शिक्षा, व्यवसाय आदि।
⚡ 5. सामाजिक सम्मान और प्रोत्साहन
सरकारी सहायता ऐसे दंपतियों को समाज में सम्मान और सुरक्षा का एहसास कराती है।
⭐ Inter-Caste Marriage Scheme के लिए पात्रता (Eligibility Criteria)
✔ 1. जोड़ों में एक साथी SC (अनुसूचित जाति) समुदाय से हो
यह योजना विशेषकर SC और अन्य जाति के बीच होने वाले विवाहों के लिए है।
✔ 2. विवाह कानूनी रूप से रजिस्टर्ड होना चाहिए
Marriage Registration Certificate अनिवार्य है।
✔ 3. आयु पात्रता
· पुरुष: 21 वर्ष
· महिला: 18 वर्ष
✔ 4. विवाह के बाद 1 वर्ष के अंदर आवेदन करें
कुछ राज्यों में समय सीमा 2 वर्ष है, लेकिन अधिकांश में 1 वर्ष।
✔ 5. दोनों विवाह करने वाले भारतीय नागरिक हों
✔ 6. विवाह अंतरजातीय होना जरूरी है
एक SC + एक Non-SC साथी।
⭐ Inter-Caste Marriage Scheme के लिए आवश्यक दस्तावेज (Documents Required)
यहाँ उन दस्तावेजों की सूची है जो आवेदन के लिए जरूरी हैं—
· आधार कार्ड (Aadhaar Card)
· जाति प्रमाण पत्र (Caste Certificate)
· विवाह प्रमाण पत्र (Marriage Registration Certificate)
· जॉइंट बैंक अकाउंट पासबुक
· पासपोर्ट साइज फोटो – दोनों की
· निवास प्रमाण पत्र (Address Proof)
· उम्र प्रमाण पत्र
· शपथ पत्र/हलफ़नामा
· आय प्रमाण पत्र (यदि माँगा जाए)
⭐ Inter-Caste Marriage Scheme Online Apply कैसे करें? (Step-by-step Process)
नीचे आवेदन प्रक्रिया बताई गई है—
✔ स्टेप 1: आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं
✔ स्टेप 2: "Inter-Caste Marriage Scheme" विकल्प चुनें
✔ स्टेप 3: ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरें
· व्यक्तिगत विवरण
· विवाह विवरण
· बैंक जानकारी
· जाति प्रमाण पत्र आदि
✔ स्टेप 4: आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें
✔ स्टेप 5: आवेदन सबमिट करें और रसीद डाउनलोड करें
✔ स्टेप 6: वेरिफिकेशन के बाद सहायता राशि जारी की जाती है
राशि सीधे जॉइंट बैंक अकाउंट में भेजी जाती है।
⭐ भारत के विभिन्न राज्यों में Inter-Caste Marriage
Scheme राशि (State-wise Scheme)
|
राज्य |
सहायता राशि |
|
मध्य प्रदेश |
₹2.50 लाख |
|
महाराष्ट्र |
₹50,000–₹3 लाख |
|
राजस्थान |
₹5 लाख तक |
|
हरियाणा |
₹2.50 लाख |
|
बिहार |
₹1 लाख |
|
उत्तर प्रदेश |
₹50,000, कुछ मामलों में
अधिक |
|
पंजाब |
₹2.5 लाख |
|
कर्नाटक |
₹3 लाख तक |
(नोट: राज्यों की राशि समय-समय पर बदलती रहती है।)
⭐ Inter-Caste Marriage Scheme क्यों महत्वपूर्ण है?
🔹 सामाजिक समानता को बढ़ावा
🔹 जातिगत बाधाओं को कम करना
🔹 युवाओं को उनका अधिकार प्रदान करना
🔹 दंपतियों की आर्थिक सुरक्षा
🔹 आधुनिक भारत की दिशा में कदम
⭐ FAQs: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
❓ 1. Inter-caste marriage scheme में कितनी राशि मिलती है?
❓ 2. क्या योजना हर जाति के लिए है?
👉 नहीं, केवल तब जब एक साथी SC जाति से हो।
❓ 3. क्या शादी रजिस्टर्ड होना जरूरी है?
👉 हाँ, बिना marriage certificate आवेदन स्वीकार नहीं होता।
❓ 4. राशि कब मिलती है?
👉 दस्तावेज़ वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद सीधे बैंक खाते में।
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