जालंधर, 10 दिसंबर: विश्व मानवाधिकार दिवस के अवसर पर जिला कानूनी सेवाएं अथॉरिटी ने मैरिटोरियस स्कूल, जालंधर में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। यह दिन हर वर्ष संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 1948 में ‘मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा (UDHR)’ अपनाने की याद में मनाया जाता है।
कार्यक्रम में स्कूल के विद्यार्थियों, शिक्षकों, कानूनी समुदाय के सदस्यों और जिला कानूनी सेवाएं प्राधिकरण की टीम ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। मुख्य उद्देश्य था—सभी नागरिकों के मानवाधिकार, न्याय और समान सम्मान के प्रति जागरूकता बढ़ाना।
न्यायाधीशों के नेतृत्व में जागरूकता की पहल
उन्होंने बताया कि हर नागरिक को मुफ्त कानूनी सहायता पाने का अधिकार है, और न्याय तक पहुँच हर व्यक्ति का मौलिक अधिकार है।
“सबके लिए न्याय” को वास्तविकता बनाने का संकल्प
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि विश्व मानवाधिकार दिवस हमें याद दिलाता है कि मानवाधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर प्रयास जरूरी हैं। मैरिटोरियस स्कूल का यह कार्यक्रम युवाओं को उनके अधिकारों और जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
जिला कानूनी सेवाएं प्राधिकरण, कानूनी सेवाएं प्राधिकरण अधिनियम, 1987 के तहत
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जरूरतमंदों को मुफ्त कानूनी सहायता
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लोक अदालतों के माध्यम से सुलहपूर्ण विवाद समाधान
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और पूरे जिले में कानूनी साक्षरता अभियानचलाने के लिए प्रतिबद्ध है।
“नशा मुक्त पंजाब” के लिए एक महीने की अभियान की शुरुआत
पंजाब राज्य कानूनी सेवाएं प्राधिकरण के मार्गदर्शन में, जिला कानूनी सेवाएं प्राधिकरण जालंधर ने 6 दिसंबर 2025 से 6 जनवरी 2026 तक एक महीने की नशा-मुक्ति जागरूकता मुहिम शुरू की है।
इस दौरान पैनल अधिवक्ता और पैरा-लीगल वॉलंटियर जिले के विभिन्न
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स्कूलों
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कॉलेजों
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गांवों
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कम्युनिटी सेंटरोंमें जाकर युवाओं और आम लोगों को नशे के खतरों के बारे में जागरूक करेंगे और रैलियां निकालेंगे।
कार्यक्रम में कई अधिकारी रहे उपस्थित
इस अवसर पर
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उप जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) राजीव जोशी,
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लेक्चरार प्रभजोत कौर,
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वार्डन सुखविंदर सिंह,
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शिक्षकगण,
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सीनियर सहायक जगन्नाथ और सुखपालभी मौजूद रहे।

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