राष्ट्रीय डेंगू दिवस - MSD News

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मंगलवार, 16 मई 2023

राष्ट्रीय डेंगू दिवस

Dengue

हर साल 16 मई को भारत में राष्ट्रीय डेंगू दिवस या नेशनल डेंगू डे मनाया जाता है। ये दिवस भारत में डेंगू के बारे में जागरुकता बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की एक अनूठी पहल है। इस दिवस को मनाने का उद्देश्य डेंगू से बचाव के उपाय लक्षणों की पहचान कर सही इलाज के लिए जन जागरूकता फैलाना है। इस अवसर पर सरकारी स्तर पर कई कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी डब्ल्यूएचओ के मुताबिक डेंगू के मामले विश्व स्तर पर तेजी से बढ़े हैं और दुनिया की लगभग आधी आबादी को इसका खतरा है। संगठन के अनुसार वैश्विक स्तर पर हर साल संक्रमण के 100 से 400 मिलियन मामलों का अनुमान है। भारत में भी डेंगू विशेष रूप से बारिश के मौसम में होता है। अब बात करें डेंगू की तो डेंगू एक मच्छर जनित वायरल संक्रमण है जो गर्म उष्ण कटिबंधीय जलवायु क्षेत्रों में आम है। ये डेंगू वायरस के कारण होता है। ये चार डेंगू वायरस में से किसी एक से संक्रमित मादा एडीज एजिप्टी मच्छर के काटने से फैलता है। ये छोटे काले रंग के मच्छर होते हैं जिनके पेट और पैरों पर सफेद धारियां होती है। इन्हें टाइगर मच्छर भी कहा जाता है। ये साफ पानी में प्रजनन करते हैं और दिन के उजाले में काटते हैं। इसके लक्षणों की बात करें तो डेंगू बुखार अचानक बुखार के साथ शुरू होता है। इसके साथ तेज सिर दर्द, आखों के पीछे दर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द और दाने निकल आना आदि शामिल हैं। इसके लक्षण आमतौर पर 2 से 7 दिन तक रहते हैं। इस बीमारी में बुखार के कारण प्लेटलेट्स तेजी से गिरने लगते हैं। इसके उपाय बचाव की बात करें तो डेंगू के लिए कोई विशिष्ट एंटी वायरल दवा नहीं है। चिकित्सक द्वारा प्रारंभिक नैदानिक निदान और उचित नैदानिक प्रबंधन मृत्युदर को 1% से कम कर देता है। डेंगू से संक्रमित मरीज जितना संभव हो उतना आराम करे और खूब पानी पीएं। संक्रमण से बचाव के लिए आसपास मच्छरों को पनपने न दें और साफ सफाई का विशेष ध्यान रखें।

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