दिल्ली के पुराने किले की खुदाई से पूर्व मौर्य युगीन बसावट का पता चला है। ताजा उत्खनन से कई महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं कि दिल्ली के 2500 वर्षों से अधिक के निरंतर इतिहास के प्रति अंतर्दृष्टि प्रदान करते हैं। इस उत्खनन से कलाकृतियों का एक उल्लेखनीय संग्रह प्राप्त हुआ है। इस हालिया पुराई का उद्देश्य स्थल का पूरा कालक्रम स्थापित करना है। एक छोटे से उत्खनन क्षेत्र से 136 अधिक सिक्के और 35 मोहरें मिली हैं। खुदाई के दौर में लगभग 1200 ईसा पूर्व से 600 ईसा पूर्व के मिट्टी के बर्तनों के टुकड़े मिले हैं। यहां से प्राप्त प्राप्त वस्तुओं में शामिल है। 900 साल पुरानी वैकुण्ठ विष्णु की एक मूर्ति, गुप्त काल के देवी लक्ष्मी, शुन्घ कुषाण काल का चार कमरे का परिसर, मौर्य काल के 2500 साल पुराने टेराकोटा रिंग वेल के संरचनात्मक अवशेष और गणेश के पत्थर की मूर्ति, मुहरें, मनके, सिक्के, मनुष्यों एवं जानवरों की टेराकोटा मूर्तियां, हड्डी के सुई आदि। गौरतलब है कि पुराना किला एक ऐतिहासिक महत्व रखता है और यहां पूर्व मौर्य काल से लेकर मुगल काल तक दिल्ली के निरंतर इतिहास को देखा जा सकता है। इससे पहले प्रोफेसर बीबी लाल द्वारा 1955 और 1969-73 में पुराना किला में खुदाई की गई थी। उसके बाद 2013 से 2014 और 2017 से 2018 में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के डॉक्टर बसंत कुमार स्वर्णकार के नेतृत्व में खुदाई की गई थी।
Post Top Ad
खुदाई में मिले पूर्व मौर्य युगीन के ऐतिहासिक साक्ष्य
Tags
# current affairs
# News
Share This
About Hitesh Chopra(Hittu)
News
By
Hitesh Chopra(Hittu)
Tags:
current affairs,
News
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें