प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल (4 जुलाई 2023) शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के आभासी शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेंगे। इस सम्मेलन में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ सहित अन्य लोगों के भाग लेने की उम्मीद है। बता दें कि शिखर सम्मेलन नई दिल्ली में व्यक्तिगत रूप से होने वाला था, लेकिन जून की शुरुआत में योजना बदल दी गई। गौरतलब है कि (SCO) शिखर सम्मेलन 2022 उज़्बेकिस्तान के समरकंद में आयोजित किया गया।
शंघाई सहयोग संगठन (SCO) यह एक स्थायी अंतर-सरकारी अंतर्राष्ट्रीय संगठन है. यह एक यूरेशियन राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा संगठन है, जिसका उद्देश्य संबंधित क्षेत्र में शांति, सुरक्षा व स्थिरता बनाए रखना है। इसकी स्थापना 15 जून, 2001 को शंघाई में हुई थी। SCO चार्टर पर वर्ष 2002 में हस्ताक्षर किए गए थे और यह वर्ष 2003 में लागू हुआ। रूसी और चीनी SCO की आधिकारिक भाषाएँ हैं। इसका मुख्यालय- बीजिंग है। वर्ष 2001 में SCO के गठन से पहले, कज़ाखस्तान, चीन, किर्गिज़स्तान, रूस और ताजिकिस्तान शंघाई फाइव के सदस्य थे। वर्ष 2001 में संगठन में उज़्बेकिस्तान के शामिल होने के बाद शंघाई फाइव का नाम बदलकर SCO कर दिया गया। भारत और पाकिस्तान 2017 में इसके सदस्य बने। 'वर्तमान सदस्यः कज़ाखस्तान, चीन, किर्गिज़स्तान, रूस, ताजिकिस्तान, उज़्बेकिस्तान, भारत और पाकिस्तान है। बता दें कि ईरान 2023 में SCO का स्थायी सदस्य बन सकता है।
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