प्रत्येक वर्ष 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती मनाई जाती है। इस दिन को पूरे देश में पराक्रम दिवस के तौर पर मनाया जा रहा है। यह नेताजी की 127वी जयंती है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री गणतंत्र दिवस की झांकियों और सांस्कृतिक प्रदर्शनों के साथ देश की विविधता को प्रदर्शित करने के लिए भारत पर्व का डिजिटल रूप से शुभारंभ कर रहे हैं। यह कार्यक्रम 23 से 31 जनवरी तक चलेगा। इसमें वोकल फोर लोकल और विविध पर्यटक आकर्षणों पर प्रकाश डाला गया है।
पराक्रम दिवस की शुरुआत साल 2021 में हुई थी। इसका उद्देश्य राष्ट्र के प्रति नेताजी सुभाष चंद्र बोस के योगदान को श्रद्धांजलि देना है। सुभाष चंद्र बोस का जन्म 23 जनवरी 1897 को कटक के एक उच्च वर्गीय बंगाली परिवार में हुआ था। यह ब्रिटिश शासन के खिलाफ स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख नेता थे। ये नेता जी के नाम से लोकप्रिय थे। 1920 में उन्होंने सिविल सर्विस की परीक्षा उत्तीर्ण की, लेकिन अप्रैल 1921 में उन्होंने सेवा से इस्तीफा दे दिया। देशभक्त की प्रबल भावना के चलते वह असहयोग आंदोलन से जुड़ गए। भारत में ब्रिटिश शासन के खात में के लिए नेताजी ने आजाद हिंद फौज नाम से एक सैन्य रेजीमेंट की स्थापना की, इसमें महिलाओं के लिए एक अलग बटालियन भी बनाई गई। जिसका नाम रानी झांसी रेजीमेंट था। माना जाता है कि 18 अगस्त 1945 को एक विमान दुर्घटना में ताइवान में उनका निधन हो गया।
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