26 फरवरी यानी कि आज को देश वीर सावरकर की पुण्य तिथि मना रहा है। वीर सावरकर एक क्रांतिकारी और स्वतंत्रता सेनानी थे। 28 मई 1883 को महाराष्ट्र में नासिक में इनका जन्म हुआ। इन्होंने वर्ष 1904 में एक गुप्त क्रांतिकारी संगठन अभिनव भारत की स्थापना की थी। वर्ष 1906 में लंदन जाने के बाद इन्होंने इतालवी राष्ट्रवादी ग्यू सेफ मेजनी के विचारों के आधार पर फ्री इंडिया सोसाइटी की स्थापना की। वर्ष 1909 में इन्हें भारतीय परिषद अधिनियम 1909 के खिलाफ सशस्त्र विद्रोह की सारिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। वर्ष 1910 में क्रांतिकारी समूह इंडिया हाउस से संबंध के कारण इन्हें एक बार फिर गिरफ्तार कर लिया गया। इन पर नासिक कलेक्टर जैक्सन की हत्या के लिए कन्हेर को उकसाने का आरोप भी लगा। इन्हें 50 साल कैद या काला पानी की सजा सुनाई गई और 1911 में अंडमान निकोबार द्वीप समूह की सेल्यूलर जेल में भेज दिया गया। वह वर्ष 1937 से 1943 तक यह हिंदू महासभा के अध्यक्ष भी रहे। इन्होंने द हिस्ट्री ऑफ द वॉर ऑफ इंडियन इंडिपेंडेंस नामक पुस्तक में 1857 के विद्रोह के बारे में लिखा है। 26 फरवरी 1966 को इनकी मृत्यु हो गई।
26 फरवरी यानी कि आज को देश वीर सावरकर की पुण्य तिथि मना रहा है। वीर सावरकर एक क्रांतिकारी और स्वतंत्रता सेनानी थे। 28 मई 1883 को महाराष्ट्र में नासिक में इनका जन्म हुआ। इन्होंने वर्ष 1904 में एक गुप्त क्रांतिकारी संगठन अभिनव भारत की स्थापना की थी। वर्ष 1906 में लंदन जाने के बाद इन्होंने इतालवी राष्ट्रवादी ग्यू सेफ मेजनी के विचारों के आधार पर फ्री इंडिया सोसाइटी की स्थापना की। वर्ष 1909 में इन्हें भारतीय परिषद अधिनियम 1909 के खिलाफ सशस्त्र विद्रोह की सारिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। वर्ष 1910 में क्रांतिकारी समूह इंडिया हाउस से संबंध के कारण इन्हें एक बार फिर गिरफ्तार कर लिया गया। इन पर नासिक कलेक्टर जैक्सन की हत्या के लिए कन्हेर को उकसाने का आरोप भी लगा। इन्हें 50 साल कैद या काला पानी की सजा सुनाई गई और 1911 में अंडमान निकोबार द्वीप समूह की सेल्यूलर जेल में भेज दिया गया। वह वर्ष 1937 से 1943 तक यह हिंदू महासभा के अध्यक्ष भी रहे। इन्होंने द हिस्ट्री ऑफ द वॉर ऑफ इंडियन इंडिपेंडेंस नामक पुस्तक में 1857 के विद्रोह के बारे में लिखा है। 26 फरवरी 1966 को इनकी मृत्यु हो गई।
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