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बुधवार, 7 मई 2025

जालंधर में ब्लैकआउट मॉक ड्रिल की तैयारी तेज़, प्रशासन ने जनता से सहयोग की अपील की

Public Safety

जालंधर, 7 मई: जिले में सुरक्षा और आपात स्थिति से निपटने के लिए आज डिप्टी कमिश्नर डॉ. हिमांशु अग्रवाल की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सेना, बीएसएफ, एयरफोर्स, आईटीबीपी, रेलवे, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और जरूरी सेवाओं से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक का मुख्य उद्देश्य 7 मई को रात 8 से 9 बजे तक होने वाली ब्लैकआउट मॉक ड्रिल की तैयारियों की समीक्षा करना था। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि इस ड्रिल का मकसद लोगों को आपातकालीन परिस्थितियों के लिए मानसिक रूप से तैयार करना है और किसी भी तरह की अफरा-तफरी से बचना है।

जनता को किया गया जागरूक:
डिप्टी कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि यह केवल एक अभ्यास है, घबराने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने अपील की कि सभी लोग मॉक ड्रिल के दौरान अपने घरों की लाइटें बंद रखें और प्रशासन का सहयोग करें। साथ ही, सभी अधिकारी इस अवधि में पूरी तरह ड्यूटी पर रहेंगे—किसी को भी छुट्टी नहीं मिलेगी।

ड्रोन पर रोक और कंट्रोल रूम की स्थापना:
जिला प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से जिले में बिना अनुमति के ड्रोन उड़ाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। साथ ही, ज़िला और सब-डिवीजन स्तर पर कंट्रोल रूम भी स्थापित किए जा रहे हैं ताकि किसी भी आपात सूचना पर तुरंत कार्रवाई हो सके।

संदिग्ध गतिविधियों पर रखें नज़र:
डॉ. अग्रवाल और पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर ने लोगों से अपील की है कि अगर कोई संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या हेल्पलाइन नंबर 112 पर सूचना दें। मकान मालिकों से भी कहा गया है कि वे किराएदारों की जानकारी संबंधित पुलिस स्टेशन को दें।

Blackout Drill

जरूरी सेवाएं रहेंगी अलर्ट मोड पर:
बैठक में पीएसपीसीएल, स्वास्थ्य विभाग, परिवहन, नगर निगम, रेलवे, बीएसएनएल सहित सभी आवश्यक सेवाओं को पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। अस्पतालों और अन्य आपात सेवाओं को बिजली आपूर्ति निर्बाध रूप से जारी रखने को कहा गया है।

सिविल डिफेंस और स्वयंसेवी संगठन भी तैयार:
सिविल डिफेंस, एनसीसी, स्काउट्स एंड गाइड्स जैसे संगठन भी इस अभ्यास में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

जालंधर जिला प्रशासन की यह पहल नागरिकों की सुरक्षा को लेकर उनकी गंभीरता को दर्शाती है। इस मॉक ड्रिल के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी आपातकालीन परिस्थिति में आम जनता और प्रशासन मिलकर प्रभावी ढंग से प्रतिक्रिया दे सकें।

ध्यान रखें: यह केवल एक अभ्यास है, लेकिन आपकी सजगता और सहयोग इसे सफल बना सकती है।


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