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मंगलवार, 9 मई 2023

अनुच्छेद 355

Article 355

मणिपुर में जारी हिंसा के बीच हाल ही में राज्य में अनुच्छेद 355 लागू कर दिया गया। ये तनाव गैर आदिवासी समुदाय मैती को अनुसूचित जाति यानी एसटी का दर्जा देने की मांग के चलते बढ़ा है।
चलिए अब जानते हैं कि अनुच्छेद 355 क्या है और ये अनुच्छेद कहता है कि संघ का यह कर्तव्य होगा कि वो बाहरी आक्रमण और आंतरिक अशांति से प्रत्येक राज्य की रक्षा करे। अनुच्छेद 355 आपातकालीन प्रावधानों का हिस्सा है जो संवीधान के भाग 18 में शामिल है। गौरतलब है कि आपातकालीन प्रावधान अनुच्छेद 352 से अनुच्छेद 360 तक में निहित है। ये तमाम अनुच्छेद आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए केंद्र सरकार को विशेष शक्तियां देते हैं। अनुच्छेद 355 के तहत केंद्र सरकार के पास ही शक्ति है कि वह राज्य को संघ के कानूनों और नियमों को सुनिश्चित करने के आदेश दे सकता है। अनुच्छेद 355 को कुछ परिस्थितियों में भारत के राष्ट्रपति द्वारा लागू किया जा सकता है। जैसे जब बाहरी आक्रमण या आतंरिक अशांति से भारत को खतरा हो। जब कोई राज्य संविधान के तहत संघ द्वारा दिए गए किसी भी निर्देश का पालन करने या उसे लागू करने में विफल हो या फिर जब कोई राज्य सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए संघ से सहायता का अनुरोध करता है।
चलिए बात करते हैं अनुच्छेद 355 के तहत प्रतिबंध पर। हालांकि इस शक्ति पर कुछ प्रतिबंध हैं जैसे जब राज्य सरकार किसी केंद्रीय कानून या नियम का पालन करने या लागू करने में असमर्थ रहती है। तब केंद्र सरकार द्वारा निर्देश दिया जा सकता है। इस तरह के निर्देश लागू करने से पहले राज्य सरकार को अपने विचार प्रस्तुत करने का
अवसर देना चाहिए। केंद्र सरकार किसी राज्य के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप तब तक नहीं करती जब तक कि राज्य तंत्र विफल न हो।
अब बात करते है प्रतिबंधों की अवधि की। अनुच्छेद 355 के तहत प्रदान की जानेवाली सहायता की अवधि संविधान में वर्णित नहीं है। इसके द्वारा प्रदान की गई सहायता की अवधि न्यायिक समीक्षा के अधीन है। साथ ही यह किसी मौलिक अधिकार या संवैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन करता है तो इसे न्यायालय में चुनौती दी जा सकती है।
चलिए अब एक नज़र मैती समुदाय पर डालते हैं। यह मणिपुर राज्य का प्रमुख जातीय समूह है। इन्हें मणिपुरी लोग के नाम से भी जाना जाता है। मैती समुदाय मणिपुर में इम्फाल घाटी क्षेत्र में बसा हुआ है। इनकी बड़ी आबादी, मणिपुर, असम, त्रिपुरा, नागालैण्ड, मेघालय और मिजोरम राज्यों में बसी हुई है। इसके अलावा मैतेई भारत के पड़ोसी देश म्यानमार और बांग्लादेश में भी बसे हुए हैं। मैतेई समुदाय की बहुसंख्यक आबादी हिन्दू धर्म का पालन करती है, जबकि 8% से अधिक आबादी मुस्लिम है। यह समुदाय मणिपुर की लगभग 53% आबादी का प्रतिनिधित्व करता है। ये शांत महोत्‍सव होली के रूप में मैती समुदाय के द्वारा मनाया जाता है।


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