हाल ही में आए ड्रोन पहल के तहत ड्रोन द्वारा ब्लड बैग की डिलिवरी करने का ट्रायल रन सफलता पूर्वक पूरा किया गया। ये ट्रायल रन भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद यानि आईसीएमआर द्वारा किया गया। देश में पहली बार एक बेहद महत्वपूर्ण वैलिडेशन स्टडी के हिस्से के तौर पर इस ट्रायल रन को अंजाम दिया गया। आपको बता दें कि ड्रोन का इस्तेमाल पहली बार आईसीएमआर द्वारा कोविद महामारी के दौरान अगम्य क्षेत्रों में टीके पहुंचाने के लिए किया गया था। इस उद्घाटन ट्रायल उड़ान ने विजुअल लायन ऑफसाइड में राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान यानि की जे.आई.एम्स और लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज यानि एल.एच.ऍम.सी से रक्त के पूरे नमूनों की 10 यूनिट्स का बिना नुकसान के परिवहन किया। अब बात करें आई ड्रोन पहल की तो ये केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद यानि आईसीएमआर की एक पहल है। इसका पूरा नाम है। आईसीएमआर ड्रोन रिस्पॉन्स लाऊड ट्रीट फॉर नॉर्थ ईस्ट है। अब बात करे आईसीएमआर यानी भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद की इसका पूर्ण नाम इंडियन रिसर्च फंड एसोसिएशन यानि आई.आर.ऍफ़.ए था जिसकी स्थापना 1911 में की गई थी। बाद साल 1949 में आई.आर.ऍफ़.ए को पुनर्गठित कर इसका नाम आईसीएमआर कर दिया गया। डा. सीजी पंडित इसके पहले निदेशक बने। नई दिल्ली स्थित आईसीएमआर जैव चिकित्सा अनुसंधान के निर्माण समन्वय प्रचार के लिए भारत में शीर्ष निकाय है। ये दुनिया के सबसे पुराने चिकित्सा अनुसंधान निकायों में से एक है। आईसीएमआर को स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के माध्यम से भारत सरकार द्वारा वित्तपोषित किया जाता है।
हाल ही में आए ड्रोन पहल के तहत ड्रोन द्वारा ब्लड बैग की डिलिवरी करने का ट्रायल रन सफलता पूर्वक पूरा किया गया। ये ट्रायल रन भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद यानि आईसीएमआर द्वारा किया गया। देश में पहली बार एक बेहद महत्वपूर्ण वैलिडेशन स्टडी के हिस्से के तौर पर इस ट्रायल रन को अंजाम दिया गया। आपको बता दें कि ड्रोन का इस्तेमाल पहली बार आईसीएमआर द्वारा कोविद महामारी के दौरान अगम्य क्षेत्रों में टीके पहुंचाने के लिए किया गया था। इस उद्घाटन ट्रायल उड़ान ने विजुअल लायन ऑफसाइड में राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान यानि की जे.आई.एम्स और लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज यानि एल.एच.ऍम.सी से रक्त के पूरे नमूनों की 10 यूनिट्स का बिना नुकसान के परिवहन किया। अब बात करें आई ड्रोन पहल की तो ये केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद यानि आईसीएमआर की एक पहल है। इसका पूरा नाम है। आईसीएमआर ड्रोन रिस्पॉन्स लाऊड ट्रीट फॉर नॉर्थ ईस्ट है। अब बात करे आईसीएमआर यानी भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद की इसका पूर्ण नाम इंडियन रिसर्च फंड एसोसिएशन यानि आई.आर.ऍफ़.ए था जिसकी स्थापना 1911 में की गई थी। बाद साल 1949 में आई.आर.ऍफ़.ए को पुनर्गठित कर इसका नाम आईसीएमआर कर दिया गया। डा. सीजी पंडित इसके पहले निदेशक बने। नई दिल्ली स्थित आईसीएमआर जैव चिकित्सा अनुसंधान के निर्माण समन्वय प्रचार के लिए भारत में शीर्ष निकाय है। ये दुनिया के सबसे पुराने चिकित्सा अनुसंधान निकायों में से एक है। आईसीएमआर को स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के माध्यम से भारत सरकार द्वारा वित्तपोषित किया जाता है।

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