हाल ही में नोबेल पुरस्कार विजेता और कवि रवींद्रनाथ टैगोर के निवास स्थान शांति निकेतन को विनसको विश्व विरासत सूची में शामिल करने की सिफारिश की गई है। यह सिफारिश एक अंतर्राष्ट्रीय सलाहकार निकाय राष्ट्र काउंसिल और मॉन्यूमेंट्स एंड साइट्स यानी आई सी औ एम ओ ऐस द्वारा की गई है जो भारत सरकार द्वारा पेश की गई फाइल पर आधारित है। इसकी औपचारिक घोषणा सितंबर 2023 में सऊदी अरब के रियाद में होने वाली विश्व धरोहर समिति की बैठक में की जाएगी। आपको बता दें शांति निकेतन पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में स्थित एक विश्वविद्यालय शहर है। यह मूल रूप से रवींद्रनाथ टैगोर के पिता देवेन्द्रनाथ टैगोर द्वारा निर्मित एक आश्रम था। कोई भी व्यक्ति बिना जाति व पंथ के भेदभाव के यहां आकर ध्यान कर सकता है। शांतिनिकेतन में स्थित विश्वभारती विश्वविद्यालय देश के सबसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में से एक है। विश्वविद्यालय की स्थापना गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर ने की थी। आपको बता दें विश्व विरासत सूची में शामिल होने के लिए साइटों को उत्कृष्ट सार्वभौमिक मूल का होना चाहिए। साथ ही यूनेस्को सूची में उल्लिखित 10 मानदंडों में से कम से कम एक को पूरा करना आवश्यक है। शांतिनिकेतन यदि चुना जाता है तो ये यूनेस्को की सूची में जगह बनाने वाला पश्चिम बंगाल का दूसरा सांस्कृतिक प्रतीक होगा। बता दें कि यूनेस्को ने 2021 में मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की सूची में कोलकाता की दुर्गा पूजा को शामिल किया था। अब आखिर में बाथ इंटरनेशनल काउंसिल आन मॉन्यूमेंट्स एंड साइट्स यानी आई सी औ एम ओ ऐस इसकी यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज सेंटर की सलाहकार संस्था है। इसकी स्थापना 1965 में बैंस के चार्टर को अपनाने के साथ हुई थी। यह फ्रांस में स्थित अंतरराष्ट्रीय संस्कति निकाय है जिसने पेशेवर विशेषज्ञों, स्थानीय अधिकारियों कंपनियों और विरासत संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हैं। ये वैसे वास्तुकला परिदश्य विरासत के संरक्षण और प्रगति के लिए समर्पित है।
हाल ही में नोबेल पुरस्कार विजेता और कवि रवींद्रनाथ टैगोर के निवास स्थान शांति निकेतन को विनसको विश्व विरासत सूची में शामिल करने की सिफारिश की गई है। यह सिफारिश एक अंतर्राष्ट्रीय सलाहकार निकाय राष्ट्र काउंसिल और मॉन्यूमेंट्स एंड साइट्स यानी आई सी औ एम ओ ऐस द्वारा की गई है जो भारत सरकार द्वारा पेश की गई फाइल पर आधारित है। इसकी औपचारिक घोषणा सितंबर 2023 में सऊदी अरब के रियाद में होने वाली विश्व धरोहर समिति की बैठक में की जाएगी। आपको बता दें शांति निकेतन पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में स्थित एक विश्वविद्यालय शहर है। यह मूल रूप से रवींद्रनाथ टैगोर के पिता देवेन्द्रनाथ टैगोर द्वारा निर्मित एक आश्रम था। कोई भी व्यक्ति बिना जाति व पंथ के भेदभाव के यहां आकर ध्यान कर सकता है। शांतिनिकेतन में स्थित विश्वभारती विश्वविद्यालय देश के सबसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में से एक है। विश्वविद्यालय की स्थापना गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर ने की थी। आपको बता दें विश्व विरासत सूची में शामिल होने के लिए साइटों को उत्कृष्ट सार्वभौमिक मूल का होना चाहिए। साथ ही यूनेस्को सूची में उल्लिखित 10 मानदंडों में से कम से कम एक को पूरा करना आवश्यक है। शांतिनिकेतन यदि चुना जाता है तो ये यूनेस्को की सूची में जगह बनाने वाला पश्चिम बंगाल का दूसरा सांस्कृतिक प्रतीक होगा। बता दें कि यूनेस्को ने 2021 में मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की सूची में कोलकाता की दुर्गा पूजा को शामिल किया था। अब आखिर में बाथ इंटरनेशनल काउंसिल आन मॉन्यूमेंट्स एंड साइट्स यानी आई सी औ एम ओ ऐस इसकी यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज सेंटर की सलाहकार संस्था है। इसकी स्थापना 1965 में बैंस के चार्टर को अपनाने के साथ हुई थी। यह फ्रांस में स्थित अंतरराष्ट्रीय संस्कति निकाय है जिसने पेशेवर विशेषज्ञों, स्थानीय अधिकारियों कंपनियों और विरासत संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हैं। ये वैसे वास्तुकला परिदश्य विरासत के संरक्षण और प्रगति के लिए समर्पित है।
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