भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन इसरो द्वारा 29 मई को अपने नेविगेशन उपग्रह एन वी एस वन को लॉन्च करने की योजना है। इसे आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से जियोसिंक्रोनस लॉन्च व्हीकल यानि जीएसएलवी मार्क टू के जरिए प्रक्षेपित किया जाएगा। मिशन को एनबीएस वाले उपग्रह को जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर आर्बिट जीटीओ में तैनात करने के लिए डिजाइन किया गया है। यह इसरो का वर्ष 2023 का चौथा लांच मिशन होगा। इसका वजन 2332 किलोग्राम है। एन वी एस वन इसरो के बेंगलुरू स्थित युवा राव सेटेलाइट सेंटर द्वारा निर्मित दूसरी पीढ़ी के नेविगेशन उपग्रहों की श्रृंखला में पहला है। इसमें पहली बार स्वदेशी परमाणु घड़ी लगाई जाएगी। उपग्रहों कि यह श्रृंखला उन्नत सुविधाओं के साथ नाविक को बनाए रखेगी और बढ़ाएगी। एन वी एस वन भारत के स्वदेशी नेविगेशन सिस्टम नाविक के लिए भेजा जाने वाला उपग्रह है। ये जीएसएलवी प्रक्षेपण यान के लिए एक वापसी उड़ान मिशन होगा जो अगली पीढ़ी के नाविक उपग्रह को ले जाएगा। योग ग्रह 2016 में लॉन्च किए गए आई आर एन एसएस वन जी उपग्रह की जगह लेगा। आपको बतादें की आई आर एन एसएस वन जी एंड आई आर एन एसएस भी अंतरिक्षयान के साथ उपग्रहों में से अंतिम नेविगेशन उपग्रह था। बता दे की एन ए वी आई सी नाविक का पूरा नाम नेवीगेशन विद इन्डियन कंस्टेलेशन है। इसरो द्वारा स्थापित देश की पोजीशनिंग नौवहन और समय संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए डिजाइन एक क्षेत्रीय नौवहन उपग्रह प्रणाली है। नाविक को पहले इंडियन रीजनल नेविगेशन सैटलाइट सिस्टम यानि आई आर एन एस के रूप में जाना जाता था।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन इसरो द्वारा 29 मई को अपने नेविगेशन उपग्रह एन वी एस वन को लॉन्च करने की योजना है। इसे आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से जियोसिंक्रोनस लॉन्च व्हीकल यानि जीएसएलवी मार्क टू के जरिए प्रक्षेपित किया जाएगा। मिशन को एनबीएस वाले उपग्रह को जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर आर्बिट जीटीओ में तैनात करने के लिए डिजाइन किया गया है। यह इसरो का वर्ष 2023 का चौथा लांच मिशन होगा। इसका वजन 2332 किलोग्राम है। एन वी एस वन इसरो के बेंगलुरू स्थित युवा राव सेटेलाइट सेंटर द्वारा निर्मित दूसरी पीढ़ी के नेविगेशन उपग्रहों की श्रृंखला में पहला है। इसमें पहली बार स्वदेशी परमाणु घड़ी लगाई जाएगी। उपग्रहों कि यह श्रृंखला उन्नत सुविधाओं के साथ नाविक को बनाए रखेगी और बढ़ाएगी। एन वी एस वन भारत के स्वदेशी नेविगेशन सिस्टम नाविक के लिए भेजा जाने वाला उपग्रह है। ये जीएसएलवी प्रक्षेपण यान के लिए एक वापसी उड़ान मिशन होगा जो अगली पीढ़ी के नाविक उपग्रह को ले जाएगा। योग ग्रह 2016 में लॉन्च किए गए आई आर एन एसएस वन जी उपग्रह की जगह लेगा। आपको बतादें की आई आर एन एसएस वन जी एंड आई आर एन एसएस भी अंतरिक्षयान के साथ उपग्रहों में से अंतिम नेविगेशन उपग्रह था। बता दे की एन ए वी आई सी नाविक का पूरा नाम नेवीगेशन विद इन्डियन कंस्टेलेशन है। इसरो द्वारा स्थापित देश की पोजीशनिंग नौवहन और समय संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए डिजाइन एक क्षेत्रीय नौवहन उपग्रह प्रणाली है। नाविक को पहले इंडियन रीजनल नेविगेशन सैटलाइट सिस्टम यानि आई आर एन एस के रूप में जाना जाता था।

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