पारिजात वृक्ष की उत्पत्ति समुद्र मंथन के दौरान हुई थी। इसे देवराज इंद्र द्वारा स्वर्ग में स्थापित कर दिया गया था। पारिजात के फूलों का देवपूजा में विशेष महत्व है। जल से उत्पत्ति होने के कारण देवी लक्ष्मी को पारिजात के फूल अतिप्रिय हैं। क्योंकि देवी लक्ष्मी का प्रादुर्भाव भी समुद्र मंथन के दौरान जल से ही हुआ था। पारिजात को हरश्रृंगार भी कहा जाता है।घर में पारिजात का पौधा लगाने से कई फायदे होते हैं। इस पौधे के होने से नकारात्मक ऊर्जा कम होती है इसके फूलों की सुगंध मन को शांत करती है और तनाव से मुक्ति दिलाती है जिस घर में यह पौधा होता है वहां स्वयं मां लक्ष्मी वास करती हैं ऐसे घर में लोग हमेशा मालामाल रहते हैं।
पारिजात वृक्ष की उत्पत्ति समुद्र मंथन के दौरान हुई थी। इसे देवराज इंद्र द्वारा स्वर्ग में स्थापित कर दिया गया था। पारिजात के फूलों का देवपूजा में विशेष महत्व है। जल से उत्पत्ति होने के कारण देवी लक्ष्मी को पारिजात के फूल अतिप्रिय हैं। क्योंकि देवी लक्ष्मी का प्रादुर्भाव भी समुद्र मंथन के दौरान जल से ही हुआ था। पारिजात को हरश्रृंगार भी कहा जाता है।घर में पारिजात का पौधा लगाने से कई फायदे होते हैं। इस पौधे के होने से नकारात्मक ऊर्जा कम होती है इसके फूलों की सुगंध मन को शांत करती है और तनाव से मुक्ति दिलाती है जिस घर में यह पौधा होता है वहां स्वयं मां लक्ष्मी वास करती हैं ऐसे घर में लोग हमेशा मालामाल रहते हैं।
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