जल शक्ति मंत्रालय एवं आवास शहरी कार्य मंत्रालय के संयुक्त पहल हैं। ये भारत में नदियों के किनारे बसे शहरों के सतत प्रबंधन को लेकर एक समर्पित विचार मंच है। इसका मकसद नदी शहरों को जोड़ना और सतत नदी केन्द्रित विकास पर ध्यान देना है। इस एलायंस की शुरुआत नवंबर 2021 में गंगा बेसिन के 30 सदस्य शहरों के साथ हुई थी। बाद में इसे गंगा बेसिन से बाहर के शहरों को भी शामिल करने के लिए विस्तारित किया गया और अब इसका विस्तार पूरे भारत में 110 नदी शहरों और डेनमार्क के गांव से शहर तक हो गया है। यह लाइव तीन विषयों पर केन्द्रित है।
- नेटवर्किंग
- क्षमता निर्माण
- तकनीकी सहायता।
उद्देश्य
रेवा सिटी अल्यांस की बात करें तो उसमें शामिल है, सदस्य शहरों को शहरी नदियों के सतत प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा और सूचनाओं के आदान प्रदान के लिए एक मंच प्रदान करना। नदी से संबंधित राष्ट्रिय नीतियों और उपकरणों को अपनाने की दिशा में काम करना। शहरों के लिए शहरी नदी प्रबंधन योजना तैयार करना और शहर वशिष्ट रणनीतियां विकसित करना। दो स्थाई शहरी नदी प्रबंधन के लिए आवश्यक है। साथ ही ये अंतरराष्ट्रीय शहरों के लिए भी भारतीय शहरों के अनुभवों के बारे में जानने का अवसर प्रदान करेगा।
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